प्रयागराज : दुष्कर्म पीड़िता 14 वर्षीय मां और तीन माह के बच्चे को बालगृह में रखने की तैयारी
डीएम ने इसी सप्ताह पीड़िता को तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की बात कही। रीता के अनुसार बालगृह मे दुधमुंहे बच्चे और पीड़िता को जल्द ही शिफ्ट किए जाने का आश्वासन जिला प्रोबेशन अधिकारी ने दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुधमुंहे बेटे को लेकर भटक रही 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को अब बालगृह में रखने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में प्रयागराज की सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह पीड़िता और उसके दुधमुंहे बच्चे को बालगृह में रखने की व्यवस्था करें।
सांसद डा. रीता जोशी ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने अपने आवास पर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर तमाम सरकारी मदद दिए जाने का आश्वासन दिया।
सांसद रीता के अनुसार प्रयास किया जा रहा है कि पीड़िता के लिए आवास की भी व्यवस्था हो। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री से भी उन्होंने इस बारे में बात की। डीएम ने इसी सप्ताह पीड़िता को तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की बात कही।
रीता के अनुसार बालगृह मे दुधमुंहे बच्चे और पीड़िता को जल्द ही शिफ्ट किए जाने का आश्वासन जिला प्रोबेशन अधिकारी ने दिया है। इसके अलावा पीड़िता को और कौन-कौन सी सरकारी मदद मिल सकती है उसे लेकर अफसरों से वार्ता चल रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता और उसके परिजनों के साथ उनकी पूरी संवेदनाएं हैं।
बिटिया को मिलेगी जमीन, मिला आश्वासन
दरिंदगी की शिकार 14 वर्षीय किशोरी और उसके दो महीने के बच्चे को आवास तथा जमीन मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन की ओर से बालिका को कृषि योग्य या आवासीय भूखंड देने का आश्वासन दिया गया है।
बालिका के साथ गांव के ही 55 वर्ष के अधेड़ ने दरिंदगी की थी। दो महीने के बच्चे को लेकर उसने मदद के लिए हर दरवाजा खटखटाया लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। बिटिया की पीड़ा को अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया। अब पीड़िता को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन की ओर से पांच हजार रुपये दिए जाने के साथ महिला सम्मान निधि से तीन लाख रुपये दिए जाने की प्रक्रिया भी शुरू है। एक सप्ताह के भीतर यह राशि मिलने की उम्मीद है। सोमवार को तहसील पहुंची पीड़िता को एसडीएम बारा सौम्या गुरुरानी ने भी जमीन तथा आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।
एसडीएम का कहना है कि जांच का निर्देश दिया गया है। यदि पीड़िता के पिता भूमिहीन हैं तो कृषि या आवासीय भूमि दी जाएगी। बालिका की और कैसे मदद की जा सकती है इसे भी देखा जा रहा है। जिला प्रशासन के अलावा एक्स सर्विस मेन वेलफेयर ट्रस्ट ने बालिका की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ट्रस्ट के लालमन यादव का कहना है कि तीन लाख रुपये की मदद से बालिका जीवन नहीं चल पाएगा। उन्होंने आवास तथा आर्थिक मदद की बात कही।