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दिव्यांगों का कर्जा होगा माफ

Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
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handicapped will be debt free
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में दिव्यांगाें का कर्ज भी माफ होगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश में 6821 दिव्यांगों ने कर्ज ले रखा है। उन्होंने 1.60 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं। 3.88 करोड़ रुपये अभी बकाया है। किसानों की तर्ज पर इनके ये कर्ज भी माफ किए जाएंगे। इसके लिए कैबिनेट सहमत है। जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। दिव्यांगों के लिए टोल फ्री नंबर भी खोला जाएगा।
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सामाजिक न्याय सम्मेलन में भाग लेने के लिए इलाहाबाद आए ओम प्रकाश ने कहा कि दिव्यांगों को आय, जाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा। पार्षद, ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख, विधायक, सांसद से ही दोनों तरह के प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग पूरे देश में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। यह प्रावधान लागू कर दिया गया है। इसके इसके अलावा खेल के क्षेत्र में आम खिलाड़ियों की हर सुविधा इन्हें भी मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया दिव्यांग महिलाओं और पुरुषों को स्वावलंबी बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इसके तहत महिलाओं को सिलाई मशीन दी जाएगी। पुरुषों को इलेक्ट्रॉनिक टाइपराइटर आदि उपकरण दिए जाएंगे। दिव्यांगों के लिए सस्ते ब्याज दर पर लोन की सीमा भी 30 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक दिव्यांगता के आधार पर पेंशन राशि अलग-अलग थी। अब सबके लिए पेंशन 500 रुपये प्रति महीने कर दी गई है। मंत्री ने दिव्यांगों के लिए शुरू अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
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इलाहाबाद। दिव्यांगों की गणना और नौकरियों में उनके नाम पर हो रहे फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगाने के लिए ‘दिव्यांग जन सेवकों’ की नियुक्ति की जाएगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पात्र दिव्यांगाें के प्रमाण पत्र नहीं बनते। उनके नाम पर बड़ी संख्या में लोग नौकरी कर रहे हैं। इस तरह की व्यापक शिकायतें हैं। इस पर नियंत्रण के लिए दिव्यांगों की सही गणना कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए दिव्यांग जन सेवक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा विभाग में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिला दिव्यांग जन अधिकारी को वाहन दिया जाएगा। हर महीने 25000 हजार रुपये भी मिलेंगे। उप निदेशक को 30 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
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इलाहाबाद। आरक्षण के प्रावधानों की समीक्षा की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। सामाजिक न्याय सम्मेलन में यह प्रमुख मुद्दा रहा ही, इसमें भाग लेने से पहले पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरक्षण के प्रावधानों की समीक्षा की मांग उठाई। कैबिनेट मंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि नौकरियों में एक ही जाति का कब्जा है। 90 फीसदी से अधिक पदों पर वे काबिज हैं। यह सामाजिक न्याय नहीं है। ओबीसी में शामिल सभी जातियों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह जब मुख्यमंत्री थे तब आरक्षण में तीन चरणों की बात हुई थी। बिहार में ऐसी व्यवस्था लागू है कि सभी जातियों के लिए समान अवसर उपलब्ध हों। वही व्यवस्था उत्तर प्रदेश में भी लागू होना चाहिए।
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