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ज्ञानवापी: व्यासजी तहखाने मामले में मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं, अगली तारीख के साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

Fri, 02 Feb 2024 01:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 02 Feb 2024 01:41 PM IST
सार

ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यासजी के तहखाने में हिंदू पक्ष को मिले पूजा के अधिकार के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। फिलहाल मुस्लिम पक्ष को कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने पूजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।

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Gyanvapi case: Hearing begins in the High Court on the appeal against the puja started in Vyasji's basement.
ज्ञानवापी केस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी तहखाना में पूजा अर्चना की अनुमति देने संबंधी जिला जज वाराणसी के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष को कोई फौरी राहत नहीं मिली। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने 31 जनवरी की स्थिति बहाल करने की मांग की है। अगली सुनवाई अब छह फरवरी को होगी।

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न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने कहा कि मस्जिद पक्ष पहले 17 जनवरी 2024 के आदेश को चुनौती दे। इस आदेश से जिलाधिकारी वाराणसी को रिसीवर नियुक्त किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने 23 जनवरी को ज्ञानवापी परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद जिला न्यायालय ने 31 जनवरी के अंतरिम आदेश से काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पुजारी के जरिए तलगृह में पूजा करने की अनुमति दी है। महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र का कहना था कि सरकार की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था कायम रखने की है। डीएम सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं।

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हिंदू पक्ष के वकील ने अपील की पोषणीयता पर उठाए सवाल

अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के वकील एसएफए नकवी से कोर्ट ने पूछा कि बेसिक आदेश 17 जनवरी 2024 का है। उसको क्यों चुनौती नहीं दी। कमेटी के वकील ने कहा कि 31 जनवरी का आदेश आने के कारण तुरंत आना पड़ा। बेसिक आदेश को भी चुनौती देंगे। क्योंकि आदेश होते ही जिलाधिकारी ने रात में तैयारी कर ली और नौ घंटे में पूजा शुरू करा दी। कहा कि जिला जज ने अपने ही आदेश के विपरीत अंतरिम आदेश देकर वस्तुत:वाद स्वीकार कर लिया। 


हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपील की पोषणीयता पर आपत्ति की। कहा कि मूल आदेश को चुनौती नहीं दी गई है्। अधीनस्थ अदालत ने वादी को राहत नहीं दी है। मंदिर ट्रस्ट को अधिकार दिया है। अंजुमन इंतजामिया कमेटी बृहस्पतिवार तड़के सुप्रीम कोर्ट भी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया था।

तहखाने में होती रहेगी पूजा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगली तारीख छह फरवरी को सुनवाई होने तक ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा होती रहेगी। सरकार को यह निर्देश दिया है कि यहां पर कोई अतिरिक्त निर्माण कार्य न कराया जाए। कोर्ट ने व्यासजी के तहखाना के अंदर पूजा पर अंतरिम रोक लगाने की मांग संबंधी मसाजिद कमेटी की याचिका पर अनुमति देने से इनकार कर दिया इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।

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