उमेश पाल हत्याकांड : बिहार के एक बाहुबली की शरण में गुड्डू मुस्लिम और अरमान, उत्तराखंड में भी दबिश
उमेश हत्याकांड में पांच लाख के इनामी शूटर गुड्डू मुस्लिम और अरमान बिहार के एक बाहुबलि की शरण में है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों के बिहार में होने की सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंची थी लेकिन दोनों पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए थे।
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उमेश हत्याकांड में पांच लाख के इनामी शूटर गुड्डू मुस्लिम और अरमान बिहार के एक बाहुबलि की शरण में है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों के बिहार में होने की सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंची थी लेकिन दोनों पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए थे। पुलिस की एक टीम उत्तराखंड भी गई है। वहां भी कई जगह दबिश दी गई।
उमेश पाल की हत्या के बाद असद और गुलाम के साथ भागने की सूचना थी। गुड्डू मुस्लिम और अरमान भी साथ में थे। साबिर अलग भागा था। अरमान मूल रूप से बिहार के आरा का रहने वाला है। हत्याकांड के बाद पुलिस को उसकी पहली लोकेशन बिहार में ही मिली थी। एक टीम तबसे बिहार में ही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक बार अरमान और गुड्डू की साथ में लोकेशन मिलने पर पुलिस ने छापा मारा था, लेकिन कार्रवाई से कुछ देर पहले ही दोनों भाग निकले थे। पता चला है कि दोनों बिहार के एक बाहुबलि की शरण में हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है लेकिन बाहुबलि की सरपरस्ती में दोनों लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। पुलिस की एक टीम ने उत्तराखंड में भी दबिश दी है। साबिर की तलाश में टीमें उत्तराखंड के अलग अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं। साबिर के बारे में भी पता चला है कि वह किसी माफिया की शरण में है।
अतीक के करीबी कई पूर्व पार्षद भी जांच के घेरे में
प्रयागराज। अतीक अहमद और गिरोह से संबंधों के आरोप में कुछ पार्षद भी जांच के घेरे में हैं। इनकी संख्या एक दर्जन के आस पास बताई जा रही है। पुलिस को पता चला है कि इनमें से कई लोग अतीक गिरोह के साथ मिलकर जमीन का धंधा करते हैं। कई पर जमीन कब्जे का भी आरोप है।
पार्षदी के चुनाव में अतीक काफी दखलंदाजी रहती थी। उसके कई करीबी कई बार पार्षद रह चुके हैं। अपने करीबियों को जिताने के लिए अतीक पैसे की थैली खोल देता था। ऐसे 10-12 पूर्व पार्षदों की जांच की जा रही है। कुछ पार्षदों ने तो अतीक से संबंधों के कारण अकूत संपत्ति इकट्ठा कर ली। अधिकांश अतीक गिरोह के साथ जमीन के धंधे में लिप्त हैं। विवादित जमीन पर काबिज लोगों को अतीक का खौफ दिखाकर जमीन को खाली कराने के धंधे में कई पूर्व पार्षदों का नाम आया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।