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Prayagraj : जीएसटी का हो सरलीकरण, टैक्स स्लैब में राहत दे सरकार, व्यापारियों को बजट से खस उम्मीदें

Sat, 13 Jul 2024 05:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Jul 2024 05:57 PM IST
सार

व्यापारियों को उम्मीद है कि सरकार ई- कॉमर्स नीति और रेग्युलेटरी अथॉरिटी के गठन की घोषणा कर सकती है। उधर ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी भी सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। तमाम वाहनों के पुर्जों पर जीएसटी की दर 28 फीसदी है। उसे पांच फीसदी किए जाने की मांग कारोबारियों ने वित्त मंत्री से की है।

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GST should be simplified, government should give relief in tax slab, traders have high expectations from
जीएसटी। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट रविवार 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। व्यापारियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस बार जीएसटी सरलीकरण को लेकर कदम उठा सकती है। जीवन रक्षक दवाओं पर ली जाने वाली जीएसटी भी सरकार कम कर सकती है। तमाम संगठनों की ओर से इसके लिए सरकार को सुझाव भी भेजे गए हैं। अधिकांश व्यापारी यही चाहते हैं कि जीएसटी में बार-बार हो रहे संशोधन की जगह उसका एक बार फिर से पुनर्गठन किया जाए।

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व्यापारियों का कहना है कि सरकार एक राष्ट्र-एक कर की तर्ज पर एक राष्ट्र- एक लाइसेंस की नीति लाए। रिटेल व्यापार पर लागू सभी कानूनों और नियमों की पूर्ण समीक्षा की भी कारोबारियों ने वकालत की है। व्यापारियों ने आपसी भुगतान व आयकर अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस जैसे विवादों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की भी बात कही है।

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क्या बोले व्यापारी

उन्हें उम्मीद है कि सरकार ई- कॉमर्स नीति और रेग्युलेटरी अथॉरिटी के गठन की घोषणा कर सकती है। उधर ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी भी सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। तमाम वाहनों के पुर्जों पर जीएसटी की दर 28 फीसदी है। उसे पांच फीसदी किए जाने की मांग कारोबारियों ने वित्त मंत्री से की है।

पूरे देश में एक समान हॉलमार्किंग के नियम लागू किए जाएं। इसके अलावा आभूषण से कस्टम ड्यूटी घटाकर पांच फीसदी होनी चाहिए। सोना खरीदने वाले ग्राहकों को मासिक किस्तों में भी खरीदने का प्रावधान का नियम बने। - दिनेश सिंह, जिलाध्यक्ष इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन

जीएसटी का सरलीकरण अत्यंत आवश्यक है। जीवन रक्षक दवाएं भी जीएसटी के दायरे में हैं। ऐसे में जरूरी है कि इनसे किसी भी तरह का टैक्स न लिया जाए। अगर जरूरी है तो न्यूनतम पांच फीसदी का जीएसटी स्लैब हो।  - राणा चावला, प्रयाग व्यापार मंडल

दो पहिया वाहन आवश्यक वस्तुओं में शामिल है। इसके कलपुर्जों पर 28 फीसदी जीएसटी ली जाती है। आवश्यक वस्तु होने की वजह से इसका जीएसटी स्लैब पांच फीसदी किया जाना चाहिए। ऑनलाइन कारोबार के लिए भी कड़े कानून बने। - सुशील खरबंदा, अध्यक्ष केंद्रीय व्यापार मंडल

उपभोक्ता कानून के तहत ई-कॉमर्स नियमों को तुरंत लागू किया जाए। जीएसटी कर प्रणाली की नए सिरे से पूर्ण समीक्षा हो। वित्त मंत्री आयकर की दरों में कमी करने की घोषणा करें। राष्ट्रीय व्यापार नीति की भी घोषणा हो। - महेंद्र गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स

डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। सीमेंट का जीएसटी स्लैब 28 की जगह पांच फीसदी किया जाए। इसी तरह पेंट का जीएसटी स्लैब 18 की जगह पांच फीसदी हो। मुद्रा लोन की सीमा 50 लाख तक बढ़ाई जाए। - सुशांत केसरवानी, जिलाध्यक्ष प्रयागराज व्यापार मंडल

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