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स्नातक में भी अगले सत्र से सीबीसीएस
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 13 Jul 2015 01:48 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अगले सत्र से स्नातक पाठ्यक्रमों में भी च्वॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में हुई बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसकी घोषणा की गई है। जबकि, शिक्षकों की कमी की वजह से इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत ज्यादातर संस्थान के अध्यापक इसके विरोध में हैं।
विश्वविद्यालय और कालेजों में शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली हैं। इसकी वजह से शिक्षक सीबीसीएस लागू करने के विरोध में हैं। इनकेअलावा छात्र-छात्राओं का एक वर्ग भी इसके विरोध में है और देशव्यापी आंदोलन छेड़ रखा है। इसके बावजूद मंत्रालय के दबाव पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परास्नातक पाठ्यक्रमों में इसी सत्र से सीबीसीएस लागू कर दिया गया है। दिल्ली में कुलपतियों की सम्मेलन में भी इसकी घोषणा कर दी गई। सम्मेलन में कुलपति की ओर से यह भी बताया गया कि आगामी सत्र से स्नातक में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। हालांकि कई विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने सभी विषयों में एक साथ सीबीसीएस लागू करने में असमर्थता जताई। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की बात कही।
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विश्वविद्यालय और कालेजों में शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली हैं। इसकी वजह से शिक्षक सीबीसीएस लागू करने के विरोध में हैं। इनकेअलावा छात्र-छात्राओं का एक वर्ग भी इसके विरोध में है और देशव्यापी आंदोलन छेड़ रखा है। इसके बावजूद मंत्रालय के दबाव पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परास्नातक पाठ्यक्रमों में इसी सत्र से सीबीसीएस लागू कर दिया गया है। दिल्ली में कुलपतियों की सम्मेलन में भी इसकी घोषणा कर दी गई। सम्मेलन में कुलपति की ओर से यह भी बताया गया कि आगामी सत्र से स्नातक में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। हालांकि कई विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने सभी विषयों में एक साथ सीबीसीएस लागू करने में असमर्थता जताई। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की बात कही।
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