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हाइकोर्ट खुलने पर सरकार देगी सभी सुविधाएं
Mon, 18 May 2020 12:47 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 May 2020 12:47 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट मुकदमों की सुनवाई के लिए खोले जाने पर प्रदेश सरकार की और से सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएगी। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव न्याय जे पी सिंह ने महानिबंधक को पत्र भेज कर इसकी जानकारी दी है।
प्रदेश सरकार की और से कहा गया है कोर्ट खुलने पर न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों सहित कोर्ट आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग, मेडिकल जांच, सेनेटाइजर, ग्लब्स आदि की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की कोविड 19 कमेटी ने गत दिनों हुई बैठक में मुख्यसचिव को यह बताने का निर्देश दिया था कि कोर्ट खुलने पर सरकार की और से क्या इंतजाम किए जाएंगे। इसके जवाब में सरकार की और से यह जानकारी भेजी गई है।
कैट में आज से काम, बार नई किया विरोध केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण को मुकदनो की सुनवाई हेतु सोमवार से खोले जाने का कैट बार एसोसिएशन ने विरोध किया है। बार के उपाध्यक्ष जिंतेंद्र नायक का कहना है कि जिन मुकदमो।की सूची जारी की गई है वह पुराने है। अर्जेंसी वाले मुक़दमे नहीं है, मौजूद हालात में वकीलो को कैट आने में परेशानी होगी। लॉक डाउन को देखते हुए 24 मई तक कैट बन रखने की मांग की है।
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निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक 16मई को ग्रीन व ऑरेंज जोन की 47अधीनस्थ जिला अदालतों में 2313 मामलों की सुनवाई की गयी जिसमें से 784 मामले निस्तारित किए गए। प्रदेश के 66 जिलों की अदालतों में विचाराधीन कैदियों की रिमांड एवं अन्य न्यायिक कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निपटाए गए। इसमें रेड जोन की अदालतें भी शामिल है। कुल 2040 मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की गयी।
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प्रदेश सरकार की और से कहा गया है कोर्ट खुलने पर न्यायाधीशों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों सहित कोर्ट आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग, मेडिकल जांच, सेनेटाइजर, ग्लब्स आदि की व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की कोविड 19 कमेटी ने गत दिनों हुई बैठक में मुख्यसचिव को यह बताने का निर्देश दिया था कि कोर्ट खुलने पर सरकार की और से क्या इंतजाम किए जाएंगे। इसके जवाब में सरकार की और से यह जानकारी भेजी गई है।
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कैट में आज से काम, बार नई किया विरोध केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण को मुकदनो की सुनवाई हेतु सोमवार से खोले जाने का कैट बार एसोसिएशन ने विरोध किया है। बार के उपाध्यक्ष जिंतेंद्र नायक का कहना है कि जिन मुकदमो।की सूची जारी की गई है वह पुराने है। अर्जेंसी वाले मुक़दमे नहीं है, मौजूद हालात में वकीलो को कैट आने में परेशानी होगी। लॉक डाउन को देखते हुए 24 मई तक कैट बन रखने की मांग की है।
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‘कैट’ की इलाहाबाद पीठ 22 मई तक बंद,
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ‘कैट’ की इलाहाबाद पीठ 22 मई तक बंद रहेगी। कैट के रजिस्ट्रार दुर्गेश के मुताबिक 18 मई के लिए जारी मुकदमों की काजलिस्ट निरस्त रहेगी। इससे पहले कैट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेन्द्र नायक ने रजिस्ट्रार कैट को एसोसिएशन का प्रस्ताव भेजकर 24 मई तक बंद रखने का सुझाव दिया था। उनका कहना था कि प्रयागराज में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्त्रस्मण और कई क्षेत्रों में हॉटस्पॉट बनने के कारण कैट को 24 मई तक बंद रखा जाए।प्रदेश की 46 अदालतों में16 मई को 784 मुकदमों का निस्तारण
लॉकडाउन में प्रदेश के ग्रीन व ऑरेंज जोन वाले जिलों की अधीनस्थ अदालतों को 8 मई से खोलने का निर्णय लिया गया था। इसमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट सहित केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक 16मई को ग्रीन व ऑरेंज जोन की 47अधीनस्थ जिला अदालतों में 2313 मामलों की सुनवाई की गयी जिसमें से 784 मामले निस्तारित किए गए। प्रदेश के 66 जिलों की अदालतों में विचाराधीन कैदियों की रिमांड एवं अन्य न्यायिक कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निपटाए गए। इसमें रेड जोन की अदालतें भी शामिल है। कुल 2040 मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की गयी।