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शासन के पास होगा शिक्षकों का डाटा बैंक
Fri, 24 Jul 2020 07:24 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 07:24 PM IST
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- फोटो : social media
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प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाना है, ताकि सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का डाटा बैंक तैयार किया जा सके।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों की तैनाती में डुप्लीकेसी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर व्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन की ओर से अब उच्च शिक्षण संस्थानों में भी शिक्षकों की तैनाती को लेकर जांच कराई जा रही है। इस बारे में सभी राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों से शिक्षकों के बारे में विवरण मांगा गया है।
इसी क्रम में सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि राकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर तत्काल अपलोड कर दिया जाए। विवरण अपलोड किए जाने के बाद संबंधित कर्मचारी का डाटा सत्यापित किया जाएगा।
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मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारी की व्यक्तिगत सूचना, सेवा प्रारंभ करने की सूचन अपलोड की जानी है। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को अपने कोड के आधार पर लॉगिन करके अपना हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और पैन कार्ड की स्कैन कॉपी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को जीपीएफ या प्रान नंबर आवंटित नहीं हुआ है, वे ई-सैलरी कोड के कॉलम में ट्रेजरी कोड अंकित करेंगे।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि डुप्लीकेसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। मानस संपदा पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का विवरण अपलोड होने के बाद शासन एवं निदेशालय के पास कर्मचारियों का पूरा डाटा बैंक होगा, जिसके माध्यम से किसी भी वक्त ऑनलाइन माध्यम से किसी भी कर्मचारियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियेां की तैनाती को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी।
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शिक्षकों एवं कर्मचारियों की तैनाती में डुप्लीकेसी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर व्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन की ओर से अब उच्च शिक्षण संस्थानों में भी शिक्षकों की तैनाती को लेकर जांच कराई जा रही है। इस बारे में सभी राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों से शिक्षकों के बारे में विवरण मांगा गया है।
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इसी क्रम में सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि राकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर तत्काल अपलोड कर दिया जाए। विवरण अपलोड किए जाने के बाद संबंधित कर्मचारी का डाटा सत्यापित किया जाएगा।
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मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारी की व्यक्तिगत सूचना, सेवा प्रारंभ करने की सूचन अपलोड की जानी है। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को अपने कोड के आधार पर लॉगिन करके अपना हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और पैन कार्ड की स्कैन कॉपी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को जीपीएफ या प्रान नंबर आवंटित नहीं हुआ है, वे ई-सैलरी कोड के कॉलम में ट्रेजरी कोड अंकित करेंगे।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि डुप्लीकेसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। मानस संपदा पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का विवरण अपलोड होने के बाद शासन एवं निदेशालय के पास कर्मचारियों का पूरा डाटा बैंक होगा, जिसके माध्यम से किसी भी वक्त ऑनलाइन माध्यम से किसी भी कर्मचारियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियेां की तैनाती को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी।