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मेले के लिए मिला ढाई लाख लीटर केरोसिन ऑयल
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:03 AM IST
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मेले में आने वाले कल्पवासियों के लिए प्रशासन ने शासन को मिट्टी के तेल (केरासिल ऑयल) के लिए जो डिमांड भेजी थी, शासन ने उससे आधा आवंटित किया। हालांकि राहत वाली बात है कि केरोसिन ऑयल कंट्रोल रेट पर दिया जाएगा जबकि गैस सिलेंडरों पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। मेले में स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में केरोसिन ऑयल की बिक्री तकरीबन 16 रुपये प्रीति लीटर की दर से होगी। राशन कार्ड बनाने का काम पांच जनवरी से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए लेखपालों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। मेले की तैयारी में सभी विभाग अपने-अपने स्तर से जुटे हुए हैं और इनमें आपूर्ति विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आपूर्ति विभाग के जरिये ही मेले में रहने वाले कल्पवासियों को राशन और मिट्टी का तेल मिलेगा।
आपूर्ति विभाग ने मेले के लिए शासन से पांच सौ केएल यानी पांच लाख लीटर मिट्टी के तेल की डिमांड की थी लेकिन केरोसिन ऑयल आधी मात्रा में आवंटित किया गया। शासन ने मेले के लिए दो लाख 40 हजार लीटर केरोसिन ऑयल आवंटित कर दिया है। मेले में सरकारी सस्ते गल्ले की कुल 26 दुकानें खुलेंगी। ज्यादातर की स्थापना हो गई है लेकिन संचालन किसी का शुरू नहीं हुआ है। इन दुकानों से चावल और आटा की सप्लाई भी कंट्रोल रेट पर की जाएगी। हालांकि आपूर्ति विभाग को गेहूं मिलेगा लेकिन विभाग गेहूं का पिसवाकर कार्ड धारकों को इसका वितरण आटा के रूप में करेगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण है कि कल्पवासियों का राशन कार्ड समय से बन जाए। पांच जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ माघ मेला शुरू हो जाएगा और कल्पवासी भी बस जाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राशन कार्ड बनाने का काम पांच जनवरी से शुरू हो जाएगा। जहां तक गैस सिलेंडरों में सब्सिडी की बात है तो सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। मांग के अनुरूप कल्पवासियों और संस्थाओं को अस्थायी कनेक्शन जारी किए जाएंगे। सिलेंडर सहित प्रति कनेक्शन तकरीबन 2400 रुपये का खर्च आएगा।
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आपूर्ति विभाग ने मेले के लिए शासन से पांच सौ केएल यानी पांच लाख लीटर मिट्टी के तेल की डिमांड की थी लेकिन केरोसिन ऑयल आधी मात्रा में आवंटित किया गया। शासन ने मेले के लिए दो लाख 40 हजार लीटर केरोसिन ऑयल आवंटित कर दिया है। मेले में सरकारी सस्ते गल्ले की कुल 26 दुकानें खुलेंगी। ज्यादातर की स्थापना हो गई है लेकिन संचालन किसी का शुरू नहीं हुआ है। इन दुकानों से चावल और आटा की सप्लाई भी कंट्रोल रेट पर की जाएगी। हालांकि आपूर्ति विभाग को गेहूं मिलेगा लेकिन विभाग गेहूं का पिसवाकर कार्ड धारकों को इसका वितरण आटा के रूप में करेगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण है कि कल्पवासियों का राशन कार्ड समय से बन जाए। पांच जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ माघ मेला शुरू हो जाएगा और कल्पवासी भी बस जाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि राशन कार्ड बनाने का काम पांच जनवरी से शुरू हो जाएगा। जहां तक गैस सिलेंडरों में सब्सिडी की बात है तो सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। मांग के अनुरूप कल्पवासियों और संस्थाओं को अस्थायी कनेक्शन जारी किए जाएंगे। सिलेंडर सहित प्रति कनेक्शन तकरीबन 2400 रुपये का खर्च आएगा।
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