Gold Silver Rate Today : तीन महीने में सोना 13 हजार तो चांदी 49 हजार रुपये तक सस्ती
सराफा तीन महीनों के भीतर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना प्रति दस ग्राम 13 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है। चांदी की कीमतों में भी प्रति किलोग्राम 49500 रुपये की कमी आई है।
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सराफा तीन महीनों के भीतर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना प्रति दस ग्राम 13 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है। चांदी की कीमतों में भी प्रति किलोग्राम 49500 रुपये की कमी आई है। दामों में आई गिरावट ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनके घरों में आने वाले दिनों में मांगलिक कार्य या वैवाहिक आयोजन होने वाले हैं।
बीते 18 मई को प्रयागराज में सोने की कीमत 1,53,300 रुपये प्रति दस ग्राम थी, जो ठीक एक महीने बाद 18 जून को घटकर 1,50,000 रुपये पर आ गई। गिरावट का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका और 18 जुलाई को सोना और ज्यादा टूटकर 1,40,300 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह महज तीन महीनों में सोने के दाम 13 हजार रुपये तक गिर चुके हैं।
चांदी के बाजार में तो इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 18 मई को जो चांदी 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बिक रही थी, वह 18 जून को 2,45,500 रुपये पर आ गई। वहीं, 18 जुलाई को इसके दाम और गिरकर 2,21,500 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किए गए। तीन महीनों के भीतर चांदी की कीमतों में कुल 49500 रुपये हुई है।
कीमतों में आई कमी का दिख रहा असर
कीमतों में आई इस कमी का सीधा असर ग्राहकों के रुख पर दिख रहा है। हालांकि, बाजार में इस समय भारी-भरकम आभूषणों के बजाय हल्के वजन वाले गहनों (लाइटवेट ज्वेलरी) की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। सराफा कारोबारी अमिताभ टंडन, अनूप वर्मा के मुताबिक, निवेश के लिहाज से भी यह समय ठीक है क्योंकि आने वाले दिनों में त्योहारी और वैवाहिक सीजन शुरू होते ही कीमतों में तेजी आ सकती है।
मुंडेरा के धनंजय सिंह ने बताया कि नवंबर माह में उनके परिवार में शादी है। अगर कीमत और कम होती है तो वह हल्के वजन की ज्वैलरी खरीदेंगे। इसी तरह सिविल लाइंस की पुष्पांजलि ने अपनी भांजी की शादी के लिए शनिवार को अंगूठी खरीदी।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशकों का रुझान बांड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ता है। सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए उसकी मांग कमजोर पड़ने लगी है। यही वजह से उसकी कीमत कम हुई। - डा. पवन जायसवाल, वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज हो रही है। इससे संगम नगरी के सराफा बाजारों में ग्राहकों की कुछ चहल-पहल और रौनक लौट आई है। - संजय वर्मा, अध्यक्ष प्रयाग सराफा मंडल।