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Prayagraj News: तीन भाइयों को रातभर थाने में बिठाए रखने पर घूरपुर थाना प्रभारी निलंबित
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घूरपुर थाने में एक नाबालिग समेत तीन सगे भाइयों को रात भर बिठाने और एक पक्षीय कार्रवाई करने के आरोप में थाना प्रभारी दिनेश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि एक गांव के प्रधान पक्ष से जुड़े विवाद में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता परिवार के तीन बेटों को पूरी रात थाने में बिठाए रखा।
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के आदेश पर कार्रवाई की गई है। साथ ही थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पीड़ित पक्ष के कमलेश विश्वकर्मा के अनुसार, प्रधान के बेटों से मारपीट के विवाद के बाद शनिवार रात करीब 12:30 बजे पुलिस उनके तीन बेटों को थाने ले गई। इनमें एक नाबालिग और दो बालिग बेटे शामिल थे।
आरोप है कि तीनों को पूरी रात थाने में रखा गया और सुबह छोड़ दिया गया। आरोप लगाया कि थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने मामले में एक पक्ष का समर्थन किया और बिना पर्याप्त आधार के तीनों को हिरासत में रखा। घटना की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामला गंभीर हो गया।
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सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित के करीबी रक्षा मंत्रालय में कार्यरत एक अधिकारी की ओर से भी मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद पुलिस तीनों भाइयों को घर छोड़ने पहुंची। इसके बाद मामले की जांच डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बारा वेद व्यास मिश्रा को सौंपी गई।
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी दिनेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसीपी बारा वेद व्यास मिश्रा ने बताया कि एक पक्षीय कार्रवाई के आरोप में थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है।
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पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के आदेश पर कार्रवाई की गई है। साथ ही थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पीड़ित पक्ष के कमलेश विश्वकर्मा के अनुसार, प्रधान के बेटों से मारपीट के विवाद के बाद शनिवार रात करीब 12:30 बजे पुलिस उनके तीन बेटों को थाने ले गई। इनमें एक नाबालिग और दो बालिग बेटे शामिल थे।
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आरोप है कि तीनों को पूरी रात थाने में रखा गया और सुबह छोड़ दिया गया। आरोप लगाया कि थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने मामले में एक पक्ष का समर्थन किया और बिना पर्याप्त आधार के तीनों को हिरासत में रखा। घटना की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामला गंभीर हो गया।
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सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित के करीबी रक्षा मंत्रालय में कार्यरत एक अधिकारी की ओर से भी मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद पुलिस तीनों भाइयों को घर छोड़ने पहुंची। इसके बाद मामले की जांच डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बारा वेद व्यास मिश्रा को सौंपी गई।
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी दिनेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एसीपी बारा वेद व्यास मिश्रा ने बताया कि एक पक्षीय कार्रवाई के आरोप में थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है।