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प्रवक्ता भर्ती परीक्षा : सामान्य ज्ञान ने दिया झटका तो विषयों ने संभाला, इन प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी
Sun, 19 Sep 2021 07:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 19 Sep 2021 07:56 PM IST
सार
अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर संतुलित और स्तरीय था। हालांकि सामान्य अध्ययन के कुछ सवाल काफी कठिन थे, लेकिन अपने विषय की ठीक से जानकारी होने के कारण थोड़ी राहत रही। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन/वैकल्पिक विषय का एक प्रशभनपत्र था।
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Prayagraj News : प्रवक्ता भर्ती परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती के लिए पहली बार लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इससे पहले सीधे इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती होती थी। प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन (जीएस) के सवालों ने झटका दिया, लेकिन विषयों से जुड़े सवालों ने राहत दी और इसी आधार पर अभ्यर्थियों को पेपर संतुलित लगा।
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अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर संतुलित और स्तरीय था। हालांकि सामान्य अध्ययन के कुछ सवाल काफी कठिन थे, लेकिन अपने विषय की ठीक से जानकारी होने के कारण थोड़ी राहत रही। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन/वैकल्पिक विषय का एक प्रशभनपत्र था, जो वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय प्रकार का था। इसमें प्रशभनों की संख्या 120 थी, जिनमें 80 प्रशभन वैकल्पिक विषय और 40 प्रशभन सामान्य अध्ययन के थे। परीक्षा में माइनस मार्किंग भी थी, सो अभ्यर्थियों ने जीएस के कठिन सवालों को छोड़ देना ही बेहतर समझा। जीएस में उत्तर प्रदेश से जुड़े कई सवाल पूछे गए। वहीं, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र से जुड़े सवालों ने भी अभ्यर्थियों के लिए चुनौती पेश की। अगली स्लाइड में पढ़ें क्या पूछे गए थे प्रश्न...
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Prayagraj News : प्रवक्ता भर्ती परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
- फोटो : प्रयागराज
जीएस में पूछे गए कुछ प्रमुख सवाल
सवाल - उत्तर प्रदेश का कौन सा शहर मार्च 2020 को राज्य के जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय के मामले में शीर्ष स्थान पर है?
विकल्प-मेरठ, नोएडा, लखनऊ, कानपुर
सवाल - भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में उत्तरप्रदेश का कितना भौगोलिक प्रतिशत है?
विकल्प -7.33 फीसदी, 8.99 फीसदी, 9.02 फीसदी, 10.04 फीसदी
सवाल - निम्नलिखित में कौन हड़प्पीय पुरास्थल उत्तरप्रदेश में स्थित नहीं है?
विकल्प - हुलास, देसलपुर, आलमगीरपुर, मांडी
सवाल - मध्यकाल में उत्तर प्रदेश के किस जनपद को शिक्षा का केंद्र होने के कारण ‘शिराज-ए-हिंद’ कहा जाता है?
विकल्प - सहारनपुर, शाहजहांपुर, जौनपुर, लखनऊ
सवाल - निम्नलिखित में कौन सा उत्तर प्रदेश का प्रमुख उद्योग नहीं है?
विकल्प - सीमेंट, चीनी, कपड़ा, ऑटोमोबाइल
सवाल = भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के तहत उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता की नियुक्ति होती है?
विकल्प - अनुच्छेद 165, अनुच्छेद 166, अनुच्छेद 167, अनुच्छेद 168
सवाल - वह कौन सा प्रथम मुगल बादशाह था, जो अंग्रेजों का पेंशनभोगी बना?
विकल्प - अकबर द्वितीय, शाह आलम, अहमद शाह, आलमगीर द्वितीय
सवाल - निम्नलिखित में किस देश से होकर भूमध्य रेखा नहीं गुजरती है?
विकल्प - केन्या, युगांडा, गैबोन, जाम्बिया
सवाल - निम्नलिखित में कौन सा एक उत्तर प्रदेश को लोकनृत्य है?
विकल्प - शिग्मो, घोडे, मोडनी, जैता
सवाल - निम्नलिखित में से उत्तर प्रदेश की कौन सी अनुसूचित जनजाति वाराणसी जनपद में नहीं पाई जाती है?
विकल्प - गोंड, खरवार, सहरिया, चेरो
सवाल - उत्तर प्रदेश का कौन सा शहर मार्च 2020 को राज्य के जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय के मामले में शीर्ष स्थान पर है?
विकल्प-मेरठ, नोएडा, लखनऊ, कानपुर
सवाल - भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में उत्तरप्रदेश का कितना भौगोलिक प्रतिशत है?
विकल्प -7.33 फीसदी, 8.99 फीसदी, 9.02 फीसदी, 10.04 फीसदी
सवाल - निम्नलिखित में कौन हड़प्पीय पुरास्थल उत्तरप्रदेश में स्थित नहीं है?
विकल्प - हुलास, देसलपुर, आलमगीरपुर, मांडी
सवाल - मध्यकाल में उत्तर प्रदेश के किस जनपद को शिक्षा का केंद्र होने के कारण ‘शिराज-ए-हिंद’ कहा जाता है?
विकल्प - सहारनपुर, शाहजहांपुर, जौनपुर, लखनऊ
सवाल - निम्नलिखित में कौन सा उत्तर प्रदेश का प्रमुख उद्योग नहीं है?
विकल्प - सीमेंट, चीनी, कपड़ा, ऑटोमोबाइल
सवाल = भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के तहत उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता की नियुक्ति होती है?
विकल्प - अनुच्छेद 165, अनुच्छेद 166, अनुच्छेद 167, अनुच्छेद 168
सवाल - वह कौन सा प्रथम मुगल बादशाह था, जो अंग्रेजों का पेंशनभोगी बना?
विकल्प - अकबर द्वितीय, शाह आलम, अहमद शाह, आलमगीर द्वितीय
सवाल - निम्नलिखित में किस देश से होकर भूमध्य रेखा नहीं गुजरती है?
विकल्प - केन्या, युगांडा, गैबोन, जाम्बिया
सवाल - निम्नलिखित में कौन सा एक उत्तर प्रदेश को लोकनृत्य है?
विकल्प - शिग्मो, घोडे, मोडनी, जैता
सवाल - निम्नलिखित में से उत्तर प्रदेश की कौन सी अनुसूचित जनजाति वाराणसी जनपद में नहीं पाई जाती है?
विकल्प - गोंड, खरवार, सहरिया, चेरो
परीक्षा बाद बसों में बढ़ी भीड़, अंदर घुसने के लिए हुई धक्कामुक्की
प्रयागराज में राजकीय इंटर कालेज प्रवक्ता की परीक्षा संपन्न होने के बाद रोडवेज बसोें में एकाएक भीड़ बढ़ गई। बसों में घुसने के लिए यात्रियों के साथ परीक्षा देकर लौटे परीक्षार्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सर्वाधिक भीड़ फैजाबाद, वाराणसी, लखनऊ रूट की बसों पर रही। बसों में प्रवेश के लिए यात्रियों को धक्का मुक्की तो करनी ही पड़ी, साथ ही अधिकांश लोगों को खड़े होकर अपने गंतव्य तक के लिए सफर करना पड़ा।
परीक्षा के लिए रोडवेज को पूर्व में ही जानकारी दे दी गई थी, फिर भी दिन में आम दिनों की अपेक्षा सिविल लाइंस बस स्टेशन के नवाब युसुफ रोड साइट पर बसें कम ही दिखीं। हालांकि रोडवेज का दावा है कि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए उसने 45 रोडवेज और 20 सिटी बस का इंतजाम किया।
दिन में एक बजे के बाद बस स्टेशन पर भीड़ बढ़नी शुरू हुई। भीड़ आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इस दौरान बहुत सी महिला परीक्षार्थी भी परीक्षा देने के लिए पहुंची। कुछ महिला परीक्षार्थियों के साथ उनके छोटे बच्चे भी रहे। तेज धूप और उमस के बारे बच्चों का बुरा हाल रहा। इस दौरान बस स्टेशन पर खानपान के स्टॉल संचालकों द्वारा भी खूब मनमानी की गई। पानी की बोतलें 25 रुपये तक में बेची गईं। इसके अलावा बिस्कुट, चिप्स, नमकीन पर लिखे रेट से ज्यादा रकम स्टॉल में तैनात कर्मचारियों द्वारा वसूली गई।
प्रयागराज में राजकीय इंटर कालेज प्रवक्ता की परीक्षा संपन्न होने के बाद रोडवेज बसोें में एकाएक भीड़ बढ़ गई। बसों में घुसने के लिए यात्रियों के साथ परीक्षा देकर लौटे परीक्षार्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सर्वाधिक भीड़ फैजाबाद, वाराणसी, लखनऊ रूट की बसों पर रही। बसों में प्रवेश के लिए यात्रियों को धक्का मुक्की तो करनी ही पड़ी, साथ ही अधिकांश लोगों को खड़े होकर अपने गंतव्य तक के लिए सफर करना पड़ा।
परीक्षा के लिए रोडवेज को पूर्व में ही जानकारी दे दी गई थी, फिर भी दिन में आम दिनों की अपेक्षा सिविल लाइंस बस स्टेशन के नवाब युसुफ रोड साइट पर बसें कम ही दिखीं। हालांकि रोडवेज का दावा है कि परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए उसने 45 रोडवेज और 20 सिटी बस का इंतजाम किया।
दिन में एक बजे के बाद बस स्टेशन पर भीड़ बढ़नी शुरू हुई। भीड़ आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इस दौरान बहुत सी महिला परीक्षार्थी भी परीक्षा देने के लिए पहुंची। कुछ महिला परीक्षार्थियों के साथ उनके छोटे बच्चे भी रहे। तेज धूप और उमस के बारे बच्चों का बुरा हाल रहा। इस दौरान बस स्टेशन पर खानपान के स्टॉल संचालकों द्वारा भी खूब मनमानी की गई। पानी की बोतलें 25 रुपये तक में बेची गईं। इसके अलावा बिस्कुट, चिप्स, नमकीन पर लिखे रेट से ज्यादा रकम स्टॉल में तैनात कर्मचारियों द्वारा वसूली गई।