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Allahabad University News: जातीय व्यवस्था को सांस्कृतिक अवस्था में स्थापित करने का है वक्त: प्रोफेसर शर्मा
Sat, 12 Sep 2020 02:52 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 02:52 PM IST
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वेबिनार
- फोटो : pixabay
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झूंसी। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में शुक्रवार को 35 वें जीबी पंत मेमोरियल लेक्चर का वेबिनार के जरिए आयोजन किया गया। वेबिनार को बतौर मुख्य वक्ता मोंट्रियल यूनिवर्सिटी के वर्कस प्रोफेसर इन कम्पेरेटिव रिलिजन प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने कहा कि अब जातीय व्यवस्था को सांस्कृतिक अवस्था में स्थापित करने का वक्त आ गया है। वेबिनार में अन्य बुद्घिजीवियों ने भी अपने विचार रखे।
पूर्व आईएस रहे प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने अपनी बात सात सामान्य बिंदुओं और पांच विशेष बिंदुओं के रूप में रखा। उन्होंने कास्ट एवं इकनोमिक कंवर्जन, कास्ट इज द टिपिकल हिन्दू फिनामिना, कास्ट एंड कंवर्जन, पुरुषुक्ता, मनुस्मृति जैसे कई अन्य विषयों को अपनी चर्चा का हिस्सा बनाया। अध्यक्षता पंत संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के अध्यक्ष एवं सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी ऑफआंध्र प्रदेश के कुलपति प्रोफेसर टीवी कट्टीमनी ने की। बताया कि कैसे वह नई शिक्षा नीति के कार्य से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति व्यवसायों से जुड़ी रूढिय़ों को खत्म करने में भी मदद करेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बद्री नारायण ने किया। उन्होंने प्रोफेसर अरविंद शर्मा की योग्यताओं को रेखांकित किया। संचालन संस्थान के संकाय प्रोफेसर केएन भट्ट तथा धन्यवाद ज्ञापन सत्येंद्र कुमार ने किया। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान 40 वर्षों में ×5 दफे ऐसे कार्यक्रम का आयोजन कर चुका है। संस्थान समय-समय पर बतौर मुख्या वक्ता देश-विदेश के प्रख्यात सामाजिक चिंतकों एवं राजनैतिक विशेषज्ञों, अकादीमिशयनों, समाज सुधारकों एवं बुद्धिजीवियों को व्याख्यान के लिए आमंत्रित करता रहा है। पीऐन हक्सर, प्रोफेसर वीके आरवी राव, प्रोफेसर वाई के अलघ, प्रोफेसर ऐआर देसाई, प्रोफेसर जीसी पांडेय, प्रोफेसर एससी दुबे, प्रोफेसर जैनसी ब्रेमैन, प्रोफेसर सुदीप्ता कविराज, पी साईनाथ जैसे प्रख्यात बुद्धिजीवी इस मेमोरियल लेक्चर में अपना व्याख्यान दे चुके हैं।
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पूर्व आईएस रहे प्रोफेसर अरविंद शर्मा ने अपनी बात सात सामान्य बिंदुओं और पांच विशेष बिंदुओं के रूप में रखा। उन्होंने कास्ट एवं इकनोमिक कंवर्जन, कास्ट इज द टिपिकल हिन्दू फिनामिना, कास्ट एंड कंवर्जन, पुरुषुक्ता, मनुस्मृति जैसे कई अन्य विषयों को अपनी चर्चा का हिस्सा बनाया। अध्यक्षता पंत संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के अध्यक्ष एवं सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी ऑफआंध्र प्रदेश के कुलपति प्रोफेसर टीवी कट्टीमनी ने की। बताया कि कैसे वह नई शिक्षा नीति के कार्य से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति व्यवसायों से जुड़ी रूढिय़ों को खत्म करने में भी मदद करेगी।
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कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बद्री नारायण ने किया। उन्होंने प्रोफेसर अरविंद शर्मा की योग्यताओं को रेखांकित किया। संचालन संस्थान के संकाय प्रोफेसर केएन भट्ट तथा धन्यवाद ज्ञापन सत्येंद्र कुमार ने किया। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान 40 वर्षों में ×5 दफे ऐसे कार्यक्रम का आयोजन कर चुका है। संस्थान समय-समय पर बतौर मुख्या वक्ता देश-विदेश के प्रख्यात सामाजिक चिंतकों एवं राजनैतिक विशेषज्ञों, अकादीमिशयनों, समाज सुधारकों एवं बुद्धिजीवियों को व्याख्यान के लिए आमंत्रित करता रहा है। पीऐन हक्सर, प्रोफेसर वीके आरवी राव, प्रोफेसर वाई के अलघ, प्रोफेसर ऐआर देसाई, प्रोफेसर जीसी पांडेय, प्रोफेसर एससी दुबे, प्रोफेसर जैनसी ब्रेमैन, प्रोफेसर सुदीप्ता कविराज, पी साईनाथ जैसे प्रख्यात बुद्धिजीवी इस मेमोरियल लेक्चर में अपना व्याख्यान दे चुके हैं।
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