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गवते ने रचा इतिहास, धोनी ने चौंकाया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:59 AM IST
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महाराष्ट्र की ज्योति शंकर राव गवते ने सोमवार को 42.195 किलोमीटर की अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन में विजेता होने की डबल हैट्रिक पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने मैराथन के 34वें संस्करण में 13 साल पुराना रिकार्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रचा। गवते मैराथन की पहली धाविका बन गई हैं, जिन्होंने लगातार छठवीं बार खिताब अपने नाम किया। वहीं, पुरुष वर्ग में मुकाबला कांटे का रहा। सेना के बहादुर सिंह धोनी ने सभी को चौंकाते हुए गत वर्ष के विजेता रशपाल सिंह को फिनिश लाइन पर एक सेकेंड से भी कम समय के अंतर से पीछे छोड़ दिया। बीएस धोनी पहली बार इंदिरा मैराथन में दौड़े।
मैराथन दौड़ सोमवार सुबह 6.30 बजे आनंद भवन से शुरू हुई। डीएम सुहास एलवाई ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। मैराथन की शुरुआत में ही श्यामली और रानी से काफी आगे निकल चुकीं महाराष्ट्र की ज्योति शंकर राव गवते ने लगातार छठवीं बार मैराथन जीतकर नया रिकार्ड बनाया। इससे पूर्व भैरो सिंह लोने वर्ष 2000-01 से 2004-05 तक लगातार पांच साल इंदिरा मैराथन के विजेता रहे। पिछले साल गवते ने लोने के रिकार्ड की बराबरी की और इस बार रिकार्ड तोड़ते हुए नया इतिहास बनाया।
पिछले साल की तरह इस बार भी शीर्ष तीन स्थानों पर सेना का कब्जा रहा। शीर्ष दस धावकों में से नौ धावक सेना के ही हैं। तीसरे स्थान पर सेना के करन सिंह रहे। वर्ष 2011-12 की मैराथन में भी उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। महिला वर्ग में पश्चिम बंगाल की श्यामली सिंह दूसरे और वाराणसी की रानी यादव तीसरे स्थान पर रहीं। पिछली बार रानी महिला वर्ग की उपविजेता थीं। इस बार श्यामली का प्रदर्शन बेहतर रहा। वर्ष 2013-14 और वर्ष 2015-16 में श्यामली तीसरे स्थान पर थीं ,लेकिन इस बार टाइमिंग अच्छी होने से वह एक पायदान ऊपर आ गईं और रानी को पीछे छोड़ दिया। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में हुए समापन समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा सांसद श्याम चरण गुप्त ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे।
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मैराथन दौड़ सोमवार सुबह 6.30 बजे आनंद भवन से शुरू हुई। डीएम सुहास एलवाई ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। मैराथन की शुरुआत में ही श्यामली और रानी से काफी आगे निकल चुकीं महाराष्ट्र की ज्योति शंकर राव गवते ने लगातार छठवीं बार मैराथन जीतकर नया रिकार्ड बनाया। इससे पूर्व भैरो सिंह लोने वर्ष 2000-01 से 2004-05 तक लगातार पांच साल इंदिरा मैराथन के विजेता रहे। पिछले साल गवते ने लोने के रिकार्ड की बराबरी की और इस बार रिकार्ड तोड़ते हुए नया इतिहास बनाया।
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पिछले साल की तरह इस बार भी शीर्ष तीन स्थानों पर सेना का कब्जा रहा। शीर्ष दस धावकों में से नौ धावक सेना के ही हैं। तीसरे स्थान पर सेना के करन सिंह रहे। वर्ष 2011-12 की मैराथन में भी उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। महिला वर्ग में पश्चिम बंगाल की श्यामली सिंह दूसरे और वाराणसी की रानी यादव तीसरे स्थान पर रहीं। पिछली बार रानी महिला वर्ग की उपविजेता थीं। इस बार श्यामली का प्रदर्शन बेहतर रहा। वर्ष 2013-14 और वर्ष 2015-16 में श्यामली तीसरे स्थान पर थीं ,लेकिन इस बार टाइमिंग अच्छी होने से वह एक पायदान ऊपर आ गईं और रानी को पीछे छोड़ दिया। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में हुए समापन समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा सांसद श्याम चरण गुप्त ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे।
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