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बड़े हनुमान मंदिर के द्वार पर ठिठकीं गंगा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:29 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गंगा-यमुना में उफान जलस्तर के स्थिर होने के बाद थम गया है। बुधवार को बड़े हनुमान मंदिर के सामने वाले वाले सभी मार्ग लबालब रहे। बाढ़ के पानी को देखने को तमाशबीनों की भीड़ लगी रही। जलस्तर स्थिर होने से लोगों को फौरी राहत जरूर मिली है, लेकिन कछारी इलाकों के मोहल्लों में खतरा अभी कम नहीं हुई है। कानपुर से गंगा में छोड़ा गया चार लाख क्यूसेक पानी परेशानी का कारण बन सकता है।
उत्तराखंड, एमपी समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में लगातार वर्षा के साथ हथिनीकुंड, नरौरा, ओखला, कानपुर बैराज से भारी पानी गंगा-यमुना में छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बना है। कछारी इलाकों में हड़कंप की स्थिति है। लोगों की रात की नींद उड़ गई है। बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन मनोज कुमार सिंह के मुताबिक कानपुर बैराज से फिर 4.13 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। बुधवार तक इसका असर रहेगा। उम्मीद है कि इसके बाद जलस्तर कम होगा। उधर, कछारी इलाकों की बस्तियों में पानी तो अभी नहीं घुसा है, लेकिन राजापुर, सलोरी, बघाड़ा, दारागंज, बेली, चांदपुर के निचले इलाकों में रहने वाले सांसत में हैं।
इधर चार दिन से गंगा-यमुना के जल स्तर में हो रही वृद्धि से हड़कंप मचा रहा। माना जा रहा था कि मंगलवार रात में गंगा बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश कर जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.78 मीटर और छतनाग में 80.54 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 81.17 मीटर पर स्थिर रहा। जलस्तर फाफामऊ में 4 सेमी, छतनाग में 8 और नैनी में यमुना के जलस्तर में 11 सेमी. की कमी दर्ज की गई।
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उत्तराखंड, एमपी समेत अन्य पहाड़ी इलाकों में लगातार वर्षा के साथ हथिनीकुंड, नरौरा, ओखला, कानपुर बैराज से भारी पानी गंगा-यमुना में छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बना है। कछारी इलाकों में हड़कंप की स्थिति है। लोगों की रात की नींद उड़ गई है। बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन मनोज कुमार सिंह के मुताबिक कानपुर बैराज से फिर 4.13 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। बुधवार तक इसका असर रहेगा। उम्मीद है कि इसके बाद जलस्तर कम होगा। उधर, कछारी इलाकों की बस्तियों में पानी तो अभी नहीं घुसा है, लेकिन राजापुर, सलोरी, बघाड़ा, दारागंज, बेली, चांदपुर के निचले इलाकों में रहने वाले सांसत में हैं।
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इधर चार दिन से गंगा-यमुना के जल स्तर में हो रही वृद्धि से हड़कंप मचा रहा। माना जा रहा था कि मंगलवार रात में गंगा बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश कर जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.78 मीटर और छतनाग में 80.54 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 81.17 मीटर पर स्थिर रहा। जलस्तर फाफामऊ में 4 सेमी, छतनाग में 8 और नैनी में यमुना के जलस्तर में 11 सेमी. की कमी दर्ज की गई।
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