गंगा खतरे के निशान से साढ़े तीन मीटर नीचे आईं गंगा और यमुना, पानी निकलने के बाद मुहल्लों में गंदगी का अंबार
- मुहल्लों में पानी निकल जाने के बाद उठ रही भयानक दुर्गंध, अपने घरों की सफाई में जुटे लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहरियों को फिलहाल बाढ़ से पूरी तरह से राहत मिल गई। सोमवार की रात आठ बजे दोनों नदियों का पानी खतरे के निशान से साढ़े तीन मीटर नीचे आ गया। तटीय इलाके पूरी तरह से खाली हो गए। तटीय इलाकों में गंदगी जमा होने से कई तरह की दुश्वारियां शुरू हो गई हैं। गंदगी और बदबू से लोगों का रहना मुहाल हो गया है। बाढ़ का पानी निकलने के बाद लोग अपने घरों की सफाई में जुट गए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग बाढ़ प्रभावित इलाकों पर विशेष ध्यान दें, जिससे कि बीमारियां पांव न पसार सकें।
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार की रात आठ बजे से सोमवार की रात आठ बजे तक यानी पिछले 24 घंटों में गंगा 1.04 मीटर और यमुना 2.13 मीटर कम हुई हैं। सोमवार की रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 81 मीटर पर और यमुना का 80 मीटर रिकार्ड किया गया। गंगा का जलस्तर कम होने से राजापुर, नेवादा, बेली कछार, उंचवागढ़ी, रसूलाबाद, शिवकुटी, ओम गायत्रीनगर, छोटा बघाड़ा, सलोरी, दारागंज, परेड मैदान, झूंसी, फाफामऊ आदि इलाकों में बाढ़ वाला पानी अब नहीं रह गया है। उधर, यमुना तटीय इलाके करेलाबाग, गड्ढा कॉलोनी, करेली का गौसनगर, यमुनाबैंक इलाके में रहने वाले लोगों को राहत मिल गई है। संगम परेड मैदान भी पूरी तरह से पानी नहीं रह गया है।