फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   gang that implicated people in the SCST Act did not get relief From High Court

High Court : गैंग रेप, एससीएसटी एक्ट में लोगों को फंसाने वाले गैंग को नहीं मिली राहत

Mon, 16 Jan 2023 09:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 16 Jan 2023 09:06 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से सामूहिक बलात्कार और एससीएसटी एक्ट में अनजान लोगों को फंसाकर वसूली करने वाले गैंग को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने गैंग के खिलाफ गोरखपुर केकैंट थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
gang that implicated people in the SCST Act did not get relief From High Court
हाईकोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से सामूहिक बलात्कार और एससीएसटी एक्ट में अनजान लोगों को फंसाकर वसूली करने वाले गैंग को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने गैंग के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने गैंग को अग्रिम जमानत या फिर सीआरपीसी की धारा 482 की धारा के तहत प्राथमिकी रद्द करने की अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति गजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने नफीसा व चार अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

विज्ञापन


याचियों के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में आईपीसी की धारा 384, 420, 195, 506, 120बी, 211 के तहत पिछले वर्ष प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन पर आरोप है कि याची सहित सभी चार अन्य आरोपी अनजान लोगों केखिलाफ सामूहिक बलात्कार और एससीएसटी एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज कराकर अवैध रूप से धन उगाही कर रहा है। गैंग को सह अभियुक्त अधिवक्ता माधव तिवारी द्वारा संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन


याचियों की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ 156(3) के तहत झूठा केस दर्ज कराकर आपराधिक मामले में समझौता करने का दबाव बनाया गया। जब याचियों ने प्रतिवादियों की बात नहीं मानी तो वे लाठी-ठंडा लेकर उसके घर चढ़ आए और मारा पीटा। इसके खिलाफ शिकायत की गई है। जबकि, प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि यह गैंग अजनान लोगों को झूठें केसों में फंसाकर अवैध वसूली कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचियों केखिलाफ अपराध नजर आ रहा है। लिहाजा, अधिकारियों की ओर से विस्तृत जांच की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed