गांधी की घड़ी और चरखा इलाहाबाद संग्रहालय में सलामत
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राष्ट्रपिता महात्मा के संघर्षों से लेकर आखिरी सांस तक की स्मृतियों से जुड़ी वस्तुएं संगमनगरी में सुरक्षित हैं। उनकी ऐसी अमर निशानियों कोइलाहाबाद संग्रहालय में संग्रहीत किया गया है। बापू के साथ आखिरी सांस तक रहने वाली उनकी जेब घड़ी भी संग्रहालय में है और सूत कातने वाला चरखा भी। दांडी मार्च केदौरान लाया गया नमक भी संग्रहालय में सहेज कर रखा गया है। बापू की ये वो प्रिय वस्तुएं हैं, जो संग्रहालय आने वाले हर पर्यटक का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। गांधी जयंती पर इस बार शुक्रवार को ऑनलाइन प्रदर्शनी में लोग इन वस्तुओं की झलक पा सकते हैं।
महात्मा गांधी की प्रिय वस्तुओं के संग्रह की वजह से इलाहाबाद संग्रहालय में एक कला दीर्घा बापू के नाम पर बनाई गई है। इसमें उनकी निशानियों के साथ ही आधा दर्जन पत्र भी संग्रहीत हैं, जो उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन केदौरान अलग-अलग लोगों के नाम से लिखे हैं। प्रस्तावित आजाद गैलरी के ठीक ऊपर स्थित गांधी गैलरी में बापू के साथ आखिरी सांस तक रहने वाली घड़ी और उनके संघर्षों का साथी चरखा हर पर्यटक और जिज्ञासु का ध्यान खींचता है।
- गांधी की जेब घड़ी और चरखा दोनों संग्रहालय में है। उनकी इस वस्तुओं को संग्रहालय को सौंपने के लिए कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद पं जवाहर लाल नेहरू ने घड़ी, चरखा संग्रहालय को सौंपा। डॉ सुनील गुप्ता, निदेशक-इलाहाबाद संग्रहालय।