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हौसले से डॉक्टरों ने दी कोरोना के डर को मात
Thu, 14 May 2020 12:13 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 May 2020 12:13 AM IST
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- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के गॉयनी विभाग की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने खुद की परवाह किए बगैर कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला का सफल आपरेशन किया। नर्स के ड्यूटी पर न आने पर उसका काम भी डाक्टरों ने किया। डॉक्टरों के हौसले की उनके साथी तारीफ कर रहे हैं। ऑपरेशन के 24 घंटे के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
गॉयनी विभागाध्यक्ष प्रो. अमृता चौरसिया ने बताया कि गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय आने की जानकारी तो पहले ही हो गई थी। इसलिए आपरेशन की तैयारी भी कर ली गई थी। हालांकि ड्यूटी पर तैनात नर्स के न आने पर परेशानी जरूर हुई, लेकिन सारा काम जूनियर डॉक्टरों ने किया। महिला के सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद ही उसकी जांच कराई। उसका बीपी, पल्स सब चेक किया गया। उसके शिशु के चाल धीमी पड़ गई थी। इस बात की जानकारी कोटवां-बनी कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. वीके मिश्रा ने दी थी। इसी आधार पर उसे एसआरएन रेफर कर दिया गया था।
प्रो. अमृता के मुताबिक गर्भ में चाल धीमी पड़ने से शिशु और मां को भी खतरा था। लिहाजा, ऑपरेशन करना जरूरी हो गया था। शुरुआत में टीम के सदस्यों को घबराहट हुई, लेकिन उनकी काउंसलिंग की गई और हौसला बढ़ाया गया। उसके बाद देर रात महिला का सफल ऑपरेशन हुआ। प्रसव के बाद परिजनों को शिशु सौंप दिया गया। विभागाध्यक्ष ने बताया कि 25 वर्षीय महिला में गले में हल्की खराश है, बाकी उसमें कोरोना के लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. अमृता ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव के सफल ऑपरेशन के बाद शहर के साथ दूसरे जिलों की भी स्त्री रोग विशेषज्ञों के फोन आए और सभी ने जानकारी मांगी। लोगों ने डॉक्टरों के हौसले को सलाम किया।
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गॉयनी विभागाध्यक्ष प्रो. अमृता चौरसिया ने बताया कि गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय आने की जानकारी तो पहले ही हो गई थी। इसलिए आपरेशन की तैयारी भी कर ली गई थी। हालांकि ड्यूटी पर तैनात नर्स के न आने पर परेशानी जरूर हुई, लेकिन सारा काम जूनियर डॉक्टरों ने किया। महिला के सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद ही उसकी जांच कराई। उसका बीपी, पल्स सब चेक किया गया। उसके शिशु के चाल धीमी पड़ गई थी। इस बात की जानकारी कोटवां-बनी कोविड-19 लेवल-1 हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. वीके मिश्रा ने दी थी। इसी आधार पर उसे एसआरएन रेफर कर दिया गया था।
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प्रो. अमृता के मुताबिक गर्भ में चाल धीमी पड़ने से शिशु और मां को भी खतरा था। लिहाजा, ऑपरेशन करना जरूरी हो गया था। शुरुआत में टीम के सदस्यों को घबराहट हुई, लेकिन उनकी काउंसलिंग की गई और हौसला बढ़ाया गया। उसके बाद देर रात महिला का सफल ऑपरेशन हुआ। प्रसव के बाद परिजनों को शिशु सौंप दिया गया। विभागाध्यक्ष ने बताया कि 25 वर्षीय महिला में गले में हल्की खराश है, बाकी उसमें कोरोना के लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. अमृता ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव के सफल ऑपरेशन के बाद शहर के साथ दूसरे जिलों की भी स्त्री रोग विशेषज्ञों के फोन आए और सभी ने जानकारी मांगी। लोगों ने डॉक्टरों के हौसले को सलाम किया।
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