{"_id":"62dd5448866b987ec30a8c04","slug":"fraud-report-against-many-including-arto","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज : एआरटीओ समेत कई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट, फर्जी हस्ताक्षर से दूसरे के नाम ट्रांसफर हो गया वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज : एआरटीओ समेत कई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट, फर्जी हस्ताक्षर से दूसरे के नाम ट्रांसफर हो गया वाहन
Sun, 24 Jul 2022 07:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 24 Jul 2022 07:46 PM IST
सार
कर्वी के बल्दाऊगंज के रहने वाले सुभाष चंद्र करवरिया की दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनके पास एक डंफर गाड़ी है। 2021 में शुभम द्विवेदी निवासी बारा ने दो लाख 20 हजार रुपये प्रति माह की दर से किराये पर लिया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्वी चित्रकूट के रहने वाले सुभाष चंद्र करवरिया ने प्रयागराज के एआरटीओ समेत कई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुभाष का आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों से एआरटीओ तथा अन्य कर्मचारियों ने उनका डंफर किसी और के नाम ट्रांसफर कर दिया।
विज्ञापन
कर्वी के बल्दाऊगंज के रहने वाले सुभाष चंद्र करवरिया की दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनके पास एक डंफर गाड़ी है। 2021 में शुभम द्विवेदी निवासी बारा ने दो लाख 20 हजार रुपये प्रति माह की दर से किराये पर लिया था। महीने भर बाद जब सुभाष ने किराया मांगा तो शुभम ने कहा कि यह गाड़ी तो उसकी है। उसके नाम से दर्ज है। सुभाष ने तुरंत मोबाइल एप पर देखा तो गाड़ी के रजिस्ट्रेशन पर शुभम का नाम ही प्रदर्शित हो रहा था।
विज्ञापन
सुभाष हक्के बक्के रह गए। वह आरटीओ कार्यालय पहुंचे और शिकायत की। आरटीओ द्वारा जांच की गई। कागजातों में सुभाष का हस्ताक्षर था लेकिन सुभाष का कहना था कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एआरएटीओ तथा अन्य कर्मचारियों ने मिलकर उनके फर्जी हस्ताक्षर से गाड़ी शुभम द्विवेदी को ट्रांसफर कर दी गई।
विज्ञापन
सुभाष का यह भी आरोप है कि उसने चार अक्टूबर को धूमनगंज थाने में प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय के आदेश पर 22 जुलाई को एआरटीओ प्रयागराज, कर्मचारी तथा शुभम द्विवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।