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Prayagraj : सिविल लाइंस में बंगला बेचने के नाम पर 26.52 करोड़ की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
Thu, 01 Aug 2024 04:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 01 Aug 2024 04:03 PM IST
सार
बंगले में निवास कर रहे लाडली टंडन ने 20 दिसंबर 2019 को उनके कार्यालय आकर इस संपत्ति को फ्रीहोल्ड कराकर बेचने का प्रस्ताव रखा। अपने आवास पर अभिलेख भी दिखाए, जिसमें नगर निगम के खसरा में उक्त संपत्ति के स्वामी के रूप में लाडली टंडन का तनहा नाम अंकित था।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
सिविल लाइंस में ताशकंद मार्ग स्थित बंगला नंबर आठ को बेचने के नाम पर 26.52 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी ने बंगले में रहने वाले परिवार के चार लोगों पर केस दर्ज कराया है। पुलिस जांच में जुटी है। ओजस जेएमडी विल्डकान एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक निदेशक हरिश्चन्द्र मिश्रा ने पुलिस को बताया कि ताशकंद मार्ग स्थित उनके कार्यालय के सामने बंगला नंबर आठ एडमांस्टन रोड पर स्थित है जो नजूल की संपत्ति थी।
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बंगले में निवास कर रहे लाडली टंडन ने 20 दिसंबर 2019 को उनके कार्यालय आकर इस संपत्ति को फ्रीहोल्ड कराकर बेचने का प्रस्ताव रखा। अपने आवास पर अभिलेख भी दिखाए, जिसमें नगर निगम के खसरा में उक्त संपत्ति के स्वामी के रूप में लाडली टंडन का तनहा नाम अंकित था।
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बंगले की लीज डीड में उनके अतिरिक्त अन्य लोगों के नाम थे, जिनके संबंध के बारे में बताया कि वह उनकी बहनें हैं जिन्होंने पाॅवर आफ एटार्नी उन्हें दे रखा है। इसके बाद 48.50 करोड़ में संपत्ति बेचने की बात तय की। साथ ही 10 करोड़ रुपये कंपनी के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से ले लिए। संपत्ति को फ्रीहोल्ड कराने का प्रार्थना पत्र संबंधित विभाग में देने पर डिमांड नोट जारी हुआ तो पुनः 15.52 करोड़ रुपये आरटीजीएस से ही ले लिए।
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आरोप है कि फ्रीहोल्ड होने के बाद लाडली टंडन, उनकी पत्नी वंदना टंडन व पुत्र रोहित टंडन व मोनिका टंडन ने पूर्व में तय 48.50 करोड़ के स्थान पर 62.50 करोड़ रुपये करते हुए 17 फरवरी 2023 को पुनः इकरारनामा निष्पादित किया। साथ ही इकरारनामे के निष्पादन के समय अपनी बहनों व उनके वारिसों से पाॅवर आफ एटार्नी लाने व नगर निगम प्रयागराज में नामांतरण कराने के लिए एक करोड़ रुपये और ले लिए।
घर जाने पर जान से मारने की दी धमकी
26 व 29 फरवरी 2024 को बैनामा के लिए रजिस्ट्री कार्यालय में बुलाने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए। हरिश्चन्द्र एक अन्य निदेशक पंकज कुमार के साथ लाडली टंडन के बंगले पर गए तो रजिस्ट्री की बात करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देकर जमीन का बैनामा न करने व रुपये वापस न करने की धमकी देकर भगा दिया।
आरोप है कि इन लोगों ने कूटरचित फर्जी अभिलेख तैयार करके अपना नाम स्वामी के रूप में तनहा अंकित कराया तथा जाली मुख्तारनामा तैयार किया। वास्तव में असली मुख्तारनामे में लाडली टंडन को संपत्ति का विक्रय करने का अधिकार नहीं था। इनके खिलाफ पूर्व में कर्नलगंज में भी मुकदमा दर्ज है। प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है।