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Prayagraj : बिशप समेत अन्य पर दर्ज 3.34 करोड़ गबन मामले में एफआर, विवेचना में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

Wed, 19 Jun 2024 06:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 19 Jun 2024 06:49 PM IST
सार

पिछले साल अगस्त में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना नौ महीने तक चली। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया था कि विद्यालय द इलाहाबाद हाईस्कूल सोसायटी से संचालित होता है। 2002 में विद्यालय में आयकर विभाग ने छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी व एफडी आदि अन्य अभिलेख सीज किए।

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FR registered against Bishop and others in embezzlement case of Rs 3.34 crore
Fir demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सिविल लाइंस में 3.34 करोड़ के गबन के आरोप में बिशप समेत तीन पर दर्ज मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। विवेचना के दौरान चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस प्रकरण में पूर्व में भी एक केस दर्ज हो चुका था। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार पर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई। यह मामला बीएचएस के प्रिंसिपल डेविड ल्यूक ने दर्ज कराया था।

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पिछले साल अगस्त में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना नौ महीने तक चली। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया था कि विद्यालय द इलाहाबाद हाईस्कूल सोसायटी से संचालित होता है। 2002 में विद्यालय में आयकर विभाग ने छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी व एफडी आदि अन्य अभिलेख सीज किए। इसके विरुद्ध दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने कार्रवाई को गलत ठहराया और आयकर विभाग को नकदी व अभिलेख वापस करने को आदेशित किया।

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इस पर आयकर विभाग ने तत्कालीन बिशप मॉरिस एडगर दान को पत्र लिखा। आरोप है कि रुपये हड़पने की नीयत से एचआर मल के साथ मिलकर बिशप ने कूटरचना करते हुए फर्जी तरीके से द इलाहाबाद हाईस्कूल सोसायटी का एक नया खाता एक्सिस बैंक में खुद को चेयनमैन व एचआर मल को सचिव बताते हुए खुलवाया और रुपयों का गबन किया।

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आरोप यह भी कि पूरी रकम निकालने के बाद खाते को बंद कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि विवेचना के दौरान जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि इस प्रकरण के संबंध में 2013 में एक मुकदमा पहले से दर्ज कराया जा चुका है। उक्त मुकदमे में चार्जशीट लग चुकी है और यह विचाराधीन भी है। इस आधार पर उपरोक्त मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।

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