पूर्व सांसद धनंजय सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच नैनी से भेजा गया फतेहगढ़ सेंट्रल जेल, जान का था खतरा
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जौनपुर केपूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह की जेल बृहस्पतिवार को अचानक बदल दी गई। केंद्रीय कारागार नैनी में निरुद्ध माफिया डॉन को सुबह 10 बजे के करीब फर्रुखाबाद जनपद स्थित फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया। सूत्रों का कहना है कि धनंजय ने नैनी जेल में जान को खतरा बताया था और इसी केबाद उसकी जेल बदली गई। हालांकि जेल अफसरों ने इंकार किया। उनका कहना है कि जेल बदले जाने का निर्णय शासन का है।
धनंजय को सुबह 10 बजे के करीब फतेहगढ़ जेल ले जाने केलिए पुलिस एस्कॉर्ट केहवाले कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा केबीच उसे लेकर पुलिसकर्मी रवाना हुए। लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड में फरार घोषित किए गए माफिया डॉन ने पांच मार्च को एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रस्तुत होकर पुराने मामले में जमानत निरस्त कराई थी।
जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में नैनी जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद उसे जेल में बनी हाईसिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। वह जिस बैरक में रखा गया था, सुरक्षा के लिए उसकेपास पीएसी केजवानों को भी तैनात किया गया था। गौरतलब है कि अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने केआरोपी बनाए गए धनंजय पर लखनऊ पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था।
मुख्तार के गुर्गों से था खतरा
सूत्रों का कहना है कि नैनी जेल में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी केकई गुर्गे बंद हैं। इनमें कुख्यात रामू मल्लाह समेत अन्य भी शामिल हैं। मुख्तार से धनंजय की पुरानी अदावत है। इसकेअलावा माफिया अभय सिंह के कई शॉर्प शूटर भी इसी जेल की अलग-अलग बैरकों में निरुद्ध हैं। पश्चिमी उप्र का कुख्यात अपराधी सागर मलिक, जिसने मुजफ्फरनगर कोर्ट केअंदर हत्या की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी, भी नैनी जेल में ही है। ऐसे में धनंजय की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही थी। हालांकि जेल प्रशासन किसी तरह केखतरे की बात से इंकार करता रहा। प्रभारी डीआईजी जेल पीएन पांडेय ने बताया कि बंदी के जान को खतरे जैसी किसी बात की जानकारी उन्हें नहीं है। उसकी जेल बदला जाना पूर्णतया शासन का निर्णय है। आदेश केअनुपालन में ही यह कार्रवाई की गई।
धनंजय का नाम पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या में भी आया था। मुख्तार अंसारी के सबसे शॉर्प शूटर रहे मुन्ना की हत्या 2018 में बागपत जेल के भीतर कर दी गई थी। उसकी पत्नी सीमा सिंह ने धनंजय सिंह समेत अन्य पर जेल के भीतर हत्या कराने के आरोप लगाया था। बागपत पुलिस ने उससे पूछताछ भी की थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है।