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नहीं हो सकी पूर्व सांसद अतीक की रवानगी
Sun, 02 Jun 2019 12:59 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 12:59 AM IST
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
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केंद्रीय कारागार नैनी में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद की गुजरात रवानगी शनिवार को नहीं हो सकी। कागजी प्रक्रिया पूरी न होने और एयर टिकट न मिलना इसकी वजह बताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि स्थानांतरण में फिलहाल एक-दो दिन का वक्त लग सकता है।
गुजरात सरकार की रजामंदी के के बाद 31 मई को प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में जेल प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि अतीक को सेंट्रल जेल अहमदाबाद भेजा जाए। जेल प्रशासन ने बताया था कि एक जून को अतीक को अहमदाबाद के लिए रवाना किया जाएगा। हालांकि शनिवार को उन्हें रवाना नहीं किया जा सका। वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह का कहना है कि एयर टिकट नहीं मिलने व कुछ औपचारिकताएं अधूरी रह जाने के कारण अतीक को रवाना नहीं किया जा जा सका। हालांकि पूरी कोशिश है कि एक-दो दिन के अंदर सभी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें रवाना कर दिया जाए।
सूत्रों की मानें तो अतीक को अहमदाबाद भेजे जाने की जो योजना तैयार की गई थी, अब उसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है। दरअसल उन्हें वाराणसी एयरपोर्ट से अहमदाबाद भेजे जाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सेंट्रल जेल नैनी से उन्हें पुलिस वाहन से वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर ले जाने की तैयारी थी। हालांकि अब लखनऊ एयरपोर्ट से भी भेजे जाने की योजना पर मंथन हो रहा है। फिलहाल माना जा रहा है कि ऐसा सुरक्षा की दृष्टि से किया जा रहा है। हालांकि जेल अफसरों का कहना है कि इसका मुख्य कारण एयरटिकट की उपलब्धता है।
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अतीक की ओर से नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्हें अहमदाबाद ले जाने में उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का पूर्ण ख्याल रखा जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ और उनके साथ कुछ भी हुआ तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जेल प्रशासन एवं शासन की होगी। उनके प्रार्थना पत्र के बाद जेल प्रशासन ने शासन स्तर से उनकी सुरक्षा का सुझाव मांगा है। साथ ही जिला पुलिस से भी इस बारे में संपर्क किया गया है।
बता दें कि अतीक अहमद ने खुद सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिहाज से हवाई जहाज से अहमदाबाद जाने की इच्छा जताई थी। जिस पर जेल प्रशासन ने उन्हें हवाई जहाज का खुद का और उनके साथ जाने वाली तीन सदस्यीय सुरक्षा टीम का किराया वहन करने को कहा था, जो तकरीबन 40 हजार के आस-पास आएगा। चर्चा यह भी रही कि अतीक के पत्र की वजह से ही उनकी रवानगी शनिवार को टालने का निर्णय लिया। दरअसल जेल प्रशासन मामले में किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है। ऐसे में वह मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा योजना के संबंध में भी उसने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि अतीक ने एक प्रार्थना पत्र देकर यात्रा के दौरान खुद के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर उचित इंतजाम करने की गुजारिश की है। जिस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
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गुजरात सरकार की रजामंदी के के बाद 31 मई को प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में जेल प्रशासन को पत्र भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि अतीक को सेंट्रल जेल अहमदाबाद भेजा जाए। जेल प्रशासन ने बताया था कि एक जून को अतीक को अहमदाबाद के लिए रवाना किया जाएगा। हालांकि शनिवार को उन्हें रवाना नहीं किया जा सका। वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह का कहना है कि एयर टिकट नहीं मिलने व कुछ औपचारिकताएं अधूरी रह जाने के कारण अतीक को रवाना नहीं किया जा जा सका। हालांकि पूरी कोशिश है कि एक-दो दिन के अंदर सभी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें रवाना कर दिया जाए।
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सूत्रों की मानें तो अतीक को अहमदाबाद भेजे जाने की जो योजना तैयार की गई थी, अब उसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है। दरअसल उन्हें वाराणसी एयरपोर्ट से अहमदाबाद भेजे जाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सेंट्रल जेल नैनी से उन्हें पुलिस वाहन से वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर ले जाने की तैयारी थी। हालांकि अब लखनऊ एयरपोर्ट से भी भेजे जाने की योजना पर मंथन हो रहा है। फिलहाल माना जा रहा है कि ऐसा सुरक्षा की दृष्टि से किया जा रहा है। हालांकि जेल अफसरों का कहना है कि इसका मुख्य कारण एयरटिकट की उपलब्धता है।
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अतीक की ओर से नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसमें कहा गया है कि उन्हें अहमदाबाद ले जाने में उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का पूर्ण ख्याल रखा जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ और उनके साथ कुछ भी हुआ तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जेल प्रशासन एवं शासन की होगी। उनके प्रार्थना पत्र के बाद जेल प्रशासन ने शासन स्तर से उनकी सुरक्षा का सुझाव मांगा है। साथ ही जिला पुलिस से भी इस बारे में संपर्क किया गया है।
बता दें कि अतीक अहमद ने खुद सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिहाज से हवाई जहाज से अहमदाबाद जाने की इच्छा जताई थी। जिस पर जेल प्रशासन ने उन्हें हवाई जहाज का खुद का और उनके साथ जाने वाली तीन सदस्यीय सुरक्षा टीम का किराया वहन करने को कहा था, जो तकरीबन 40 हजार के आस-पास आएगा। चर्चा यह भी रही कि अतीक के पत्र की वजह से ही उनकी रवानगी शनिवार को टालने का निर्णय लिया। दरअसल जेल प्रशासन मामले में किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है। ऐसे में वह मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा योजना के संबंध में भी उसने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि अतीक ने एक प्रार्थना पत्र देकर यात्रा के दौरान खुद के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर उचित इंतजाम करने की गुजारिश की है। जिस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।