Prayagraj : पूर्व विधायक विजय मिश्रा ने अभियोजन पर दस्तावेज गायब कराने का लगाया आरोप, अब सुनवाई आठ नवंबर को
12 जुलाई 2010 के हमले का ट्रायल एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ.दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में चल रहा है। अभियाेजन की गवाही पूरी हाेने के बाद बुधवार को बयान मुल्जिम दर्ज होना था। पूर्व विधायक विजय मिश्रा, दिलीप समेत 15 आरोपी अदालत मेें तलब किए गए थे।
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जिला अदालत में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता उर्फ नंदी पर जानलेवा हमले के मामले में बुधवार मुल्जिम का बयान नहीं दर्ज हो सका। हमले के आरोपी पूर्व विधायक विजय मिश्रा ने अभियोजन पर साक्ष्य गायब कराने का आरोप लगा अर्जी दाखिल की है। अब मामले की सुनवाई आठ नवंबर को होगी।
12 जुलाई 2010 के हमले का ट्रायल एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ.दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में चल रहा है। अभियाेजन की गवाही पूरी हाेने के बाद बुधवार को बयान मुल्जिम दर्ज होना था। पूर्व विधायक विजय मिश्रा, दिलीप समेत 15 आरोपी अदालत मेें तलब किए गए थे। बयान दर्ज होने से पहले पूर्व विधायक विजय मिश्रा ने अभियोजन पर दस्तावेज गायब करने का आरोप लगा अर्जी दाखिल की।
कहा कि उन्हें मृतक सह-अभियुक्त राजेश पायलट के कलमबंद बयान की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। लिहाजा, उसके बयान को उनके खिलाफ नहीं पढ़ा जाए। साथ ही आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के मुताबिक राजेश पायलट का कलमबंद बयान उसे प्रलोभित व प्रताड़ित कर दर्ज कराया गया था। बयान देने के बाद उसने अर्जी दाखिल कर अदालत को इसकी जानकारी दी थी। बताया था कि उसे किन परिस्थितियों में कलमबंद बयान देना पड़ा था।
अभियोजन ने आरोपों को नकारा
दस्तावेज पर पायलट की वह अर्जी गायब है। अदालत के दस्तावेजों में कई ऐसे कागजात हैं, जिन पर नंबरिंग नहीं की गई है। इसी का नाजायज फायदा उठाकर अभियोजन पक्ष के प्रभाव में वह अर्जियां गायब कर दी गई हैं। अभियोजन की ओर से पेश एडीजीसी सुशील वैश्य व जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाबचंद्र अग्रहरि ने आरोपों को सिरे से नकारा दिया है। मामले की अगली सुनवाई आठ नवंबर को होगी।