जवाहर पंडित हत्याकांड : पूर्व विधायक उदयभान करवरिया की होगी समयपूर्व रिहाई, AK-47 से दहल उठा था प्रयागराज
पूर्व विधायक उदयभान करवरिया पिछले साल 12 मई को जेल भेजा गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद 12 मई को वह नैनी सेंट्रल जेल में फिर पहुंच गया था। आजीवन कारावास की सजा मिलने के बावजूद अप्रैल 2022 से पैरोल पर छोड़े जाने के खिलाफ जवाहर पंडित के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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शासन ने पूर्व विधायक उदयभान करवरिया की समयपूर्व रिहाई का आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग ने प्रयागराज स्थित नैनी कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे उदयभान को रिहा करने का आदेश जारी किया है। हालांकि उनकी रिहाई तभी होगी, जब किसी अन्य वाद में उन्हें निरुद्ध रखना वांछित न हो।
बता दें कि उदयभान को रिहा होने के लिए प्रयागराज के डीएम और कमिश्नर द्वारा तय की गयीं दो जमानतें और उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचलका भरना होगा। बता दें कि उन्हें वर्ष 2019 में प्रयागराज के अपर सत्र न्यायाधीश ने सपा विधायक जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही उनके भाई पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान, रामचंद्र त्रिपाठी को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उदयभान का जेल में आचरण अच्छा होने पर प्रयागराज के डीएम और पुलिस कमिश्नर ने उनकी समयपूर्व रिहाई की संस्तुति की थी।
अप्रैल 2022 से ही थे पैरोल पर, 12 मई को फिर गए थे जेल
पूर्व विधायक उदयभान करवरिया पिछले साल 12 मई को जेल भेजा गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद 12 मई को वह नैनी सेंट्रल जेल में फिर पहुंच गया था। आजीवन कारावास की सजा मिलने के बावजूद अप्रैल 2022 से पैरोल पर छोड़े जाने के खिलाफ जवाहर पंडित के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
विधायक जवाहर पंडित की हत्या में उम्रकैद की सजा पाए भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया की पैरोल (अंतरिम जमानत) 12 मई को खत्म हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए 12 मई को नैनी सेंट्रल जेल में रिपोर्ट करने का आदेश दिया था। आजीवन कारावास की सजा मिलने के बावजूद उदयभान करवरिया को अप्रैल 2022 से पैरोल पर छोड़े जाने के खिलाफ विपक्षीगण ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसमें लंबे वक्त तक पैरोल दिए जाने का विरोध किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति सही मानी और फिर प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। जिसके बाद उदयभान की नियमित जमानत पर सुनवाई हुई थी।
हाईकोर्ट में विपक्षीगण ने सबूत के साथ कहा कि उदयभान इलाज कराने के नाम पर हासिल पैरोल का दुरुपयोग कर रहा है। वह पार्टियों में जा रहा है, आपराधिक लोगों से भी मुलाकात कर रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका निरस्त करते हुए 12 मई को नैनी जेल प्रशासन के रिपोर्ट करने का आदेश दिया था। 1996 में हुए विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में उदयभान करवरिया, उसके भाई सूरजभान करवरिया और कपिलमुनि करवरिया को आजीवन कारावास की सजा हुई है।