पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे नीरज त्रिपाठी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इसके पहले सिविल लाइंस स्थित आवास से उनकी शव यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। शहर के कई इलाकों से होते हुए शवयात्रा दारागंज घाट पर पहुंची। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
Prayagraj : पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ पंचतत्व में विलीन, शवयात्रा में उमड़ी भारी भीड़, बेटे ने दी मुखाग्नि
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और यूपी विधानसभा के अध्यक्ष रहे केसरीनाथ त्रिपाठी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे नीरज त्रिपाठी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें गार्ड आफ आनर की सलामी दी गई।
रास्ते भर लगते रहे पंडित जी अमर रहे के नारे
पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का पार्थिव शरीर रविवार की शाम दारागंज घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गया। हजारों समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की मौजूदगी में मुखाग्नि उनके पुत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट के अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने दी। क्लाइव रोड स्थित आवास से शाम करीब 4.10 शवयात्रा निकली।
इस दौरान पंडित जी अमर रहे के नारे लगते रहे। दारागंज घाट पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे पूर्व आवास पर सशस्त्र बलों द्वारा पूर्व राज्यपाल को सलामी दी गई। अंतिम यात्रा में उनकी दोनों बेटियां नमिता त्रिपाठी व निधि ओझा भी शामिल रहीं।
छुटई की चाट मुरीद रहे पूर्व राज्यपाल
केशरी नाथ त्रिपाठी को प्रयागराज की चाट खासी पसंद थी। विधानसभा अध्यक्ष रहे हो या फिर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष। जब भी उन्हें मौका मिलता वह जानसेनगंज के पास छुटई की चाट खाने जरूर पहुंचते। उनकी बहु कविता ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में बताया था कि जब पूर्व राज्यपाल को कोरोना हुआ था, तब पीजीआई में भी भर्ती होने के बाद उन्होंने चाट खाने की इच्छा जताई। चिकित्सकों से पूछने के बाद उनके लिए बाद में घर में चाट बनाई गई।
उसे खाकर वह बेहद खुश हुए। उनके करीबी प्रवीण मालवीय उर्फ डिप्टी ने बताया कि पंडित जी को बैठकी बहुत पसंद रही। चाट खाने के वह काफी शौकीन थे। मूंग की दाल का सकौड़ा भी उन्हें पसंद था। कॉफी हाउस और लोकनाथ चौराहे पर उन्हें बैठना बेहद पसंद था, लेकिन कोरोना होने के बाद से उनकी बैठकें बंद हो गई थी। दूसरी आजादी के नीरज ने बताया कि उनकी पिछले दिनों जब उनकी पूर्व राज्यपाल से मुलाकात हुई तो उन्होंने चाट लाने की बात कही, लेकिन पंडित जी ने खराब स्वास्थ्य की वजह से मना कर दिया था।
पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रयागराज पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि केशरीनाथ जी के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं हैं। इतना जरूर कहूंगा कि उन्होंने व्यक्तिगत हित से ऊपर संगठन का हित सोचा। जब मैं पहली बार 1991 में विधानसभा में पहुंचा तो उनका आशीर्वाद मिला। मैंने उनके साथ कुल 20 विदेश यात्राएं कीं। कुछ निजी यात्राओं में भी शामिल रहा।
मुझे आज भी याद है कि जब 1993 में विधानसभा चुनाव में हिंसा हुई और उनके सिर में चोट आई तो मैं ही उन्हें बचाकर बाहर लाया। मेरे विधानसभा अध्यक्ष बनने के पूर्व ही उन्होंने मुझे फोन पर बधाई दी। कहा कि आप को अध्यक्ष बनने का मौका मिले तो जरूर बनिएगा। क्योंकि इस कुर्सी पर बहुत कुछ अच्छा करने का अवसर मिलता है। मुझे इस बात का संतोष है कि मैं उनके बताए रास्ते पर चल रहा हूं। उनके जाने से भाजपा संगठन को बड़ी क्षति हुई है।
नंदी समेत कुल पांच लोगों ने की सीएम की अगुवाई
भाजपा के दिग्गज नेता केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे प्रयागराज पहुंचे। यहां पुलिस लाइंस में उनके आगमन के पूर्व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हैलीपैड पर भी गिनती भर लोगों को जाने दिया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने उनकी अगुवाई की। उनके साथ महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला, भाजपा नेता विजय पुर्सवानी एवं सतुआ बाबा मौजूद रहे।