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माफिया का आतंक : 34 साल से माफिया अतीक से लोहा लेती आईं सूरजकली खौफ में, सरकार से मांगी सुरक्षा

Tue, 18 Apr 2023 06:44 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 18 Apr 2023 06:44 AM IST
सार

34 साल से माफिया अतीक और उसके गुर्गों से लोहा लेती आईं सूरजकली अतीक-अशरफ की हत्या के बाद भी पूरी तरह सुकून में नहीं हैं। उनका कहना है कि अतीक भले मर गया, लेकिन उसके गुर्गे तो अभी भी हैं, इसलिए सरकार उन्हें और उनके परिवार वालों को सुरक्षा दे।

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For 34 years, Surajkali was taking iron from Mafia Atiq, sought protection from the government
अतीक अहमद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

34 साल से माफिया अतीक और उसके गुर्गों से लोहा लेती आईं सूरजकली अतीक-अशरफ की हत्या के बाद भी पूरी तरह सुकून में नहीं हैं। उनका कहना है कि अतीक भले मर गया, लेकिन उसके गुर्गे तो अभी भी हैं, इसलिए सरकार उन्हें और उनके परिवार वालों को सुरक्षा दे। करोड़ों की जमीन हथियाने के लिए अतीक ने ही उनके पति को अगवा किया था। तब से उनका कोई पता भी नहीं चला।

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झलवा में रहने वाली सूरजकली के पति बृजमोहन कुशवाहा के पास 12 बीघे जमीन थी। जब झलवा का विकास होने लगा तो जमीन की कीमत करोड़ों में पहुंच गई। बृजमोहन कुशवाहा का अतीक के पिता फिरोज के घर आना जाना था। वह फिरोज अहमद से ट्रैक्टर किराये पर लेकर खेती करते थे। इस बीच अतीक जुर्म की दुनिया में बड़ा नाम बन गया था।
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वह पैसे कमाने में लग गया। उसके गिरोह के लोग विवादित जमीनों पर कब्जा कर उसे बेचने का धंधा करने लगे थे। अतीक, बृजमोहन कुशवाहा की 12 बीघा जमीन कब्जाने की फिराक में लग गया। उसने बृजमोहन से जमीन बेचने को कहा। वह नहीं माने तो घर पर हमला कराया। इसके बाद भी बृजमोहन टस से मस नहीं हुए।

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1989 में बृजमोहन एक दिन अपने घर से निकले तो फिर वापस नहीं लौटे। फिर, उनका कुछ पता नहीं चला। इस बीच अतीक विधायक बन गया था। उसने एक दिन बृजमोहन की पत्नी सूरजकली को बुलाया और कहा कि वह जमीन भूल जाय। उसके परिवार के जीवन का भर खर्च अब मैं उठाऊंगा। सूरजकली समझ गईं कि उनके पति को अतीक ने ही गायब कराया है। वह थाने गईं। पूरी बात बताई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कहा गया कि बृजमोहन को ढूंढ लिया जाएगा। सूरजकली अतीक के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं, लेकिन न बृजमोहन मिले न ही अतीक के खिलाफ कार्रवाई हुई। शांत कराने के लिए उनके भाई को भी करंट लगाया गया।

सूरजकली का बेटा बड़ा हुआ तो वह अपनी जमीन बचाने के लिए और पिता की खोजबीन की लड़ाई लड़ने लगा। 2016 में सूरजकली के बेटे को गोली मार दी गई। अतीक के गुर्गों ने झलवा स्थित घर पर भी कई बार चढ़कर सूरजकली और उसके बेटे को धमकाया, लेकिन सूरजकली ने कभी हार नहीं मानी। शनिवार की रात अतीक और अशरफ की हत्या के बाद सूरजकली ने सालों बाद राहत की सांस जरूर ली, लेकिन पूरी तरह से चैन अब भी नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि अतीक-अशरफ मर गए, लेकिन उनके गुर्गे अभी भी जिंदा हैं। सूरजकली ने सरकार से न्याय दिलाने के साथ-साथ परिवार वालों को सुरक्षा देने की मांग की है।

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