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किसानों की चिंता बढ़ी : कोहरा-बारिश से आलू की फसल को खतरा
Wed, 29 Dec 2021 08:35 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 29 Dec 2021 08:35 PM IST
सार
तीन वर्षों से लगातार आलू की अच्छी कीमत मिल रही है। ऐसे में किसानों का आलू की खेती की तरफ रुझान बढ़ा है। इसका नतीजा है कि रकबा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हेक्टेयर हो गया है लेकिन मौसम खराब होने की वजह से उम्मीदों को झटका लगता दिख रहा है।
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आलू की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोहरा तथा बारिश की वजह से आलू के किसानों की चिंता बढ़ गई है। इससे पैदावार को खतरा बन गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश अब भी जारी है। ऐसे में आगे भी कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम की बात कही जा रही है। इससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
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तीन वर्षों से लगातार आलू की अच्छी कीमत मिल रही है। ऐसे में किसानों का आलू की खेती की तरफ रुझान बढ़ा है। इसका नतीजा है कि रकबा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हेक्टेयर हो गया है लेकिन मौसम खराब होने की वजह से उम्मीदों को झटका लगता दिख रहा है। सोरांव के मुन्ना पटेल का कहना है कि ऐसे ही हालात कुछ दिन रह गए तो फसल सड़ने लगेगी।
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जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर का कहना है कि पाला पड़ने की वजह से आलू की फसल को काफी नुकसान की आशंका बन गई है। ऐसे मौसम में शिराओं में पानी जम जाता है। इसलिए वे फट जाती हैं। इससे फसल सूखने और सड़ने लगती है। इससे बचाव के लिए उन्होंने दवाओं के छिड़काव तथा परंपरागत तरीके अपनाने के सुझाव दिए।
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हर हफ्ते करें सिंचाई, खेत के पश्चिमी हिस्से पर धुआं भी
कृषि वैज्ञानिकों ने पाला से आलू की फसल को बचाने के लिए हर हफ्ते सिंचाई करने की सलाह दी है। साथ ही खेत के पश्चिमी किनारे पर धुआं करने की भी सलाह दी है। ताकि, पाले का असर कम हो सके।