फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Flowers from above, choke the pain of grief

ऊपर से बरसेंगे फूल, नीचे चुभेंगे दुखों के शूल

Tue, 24 Jul 2018 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 24 Jul 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
Flowers from above, choke the pain of grief
kanwar - फोटो : अमर उजाला
सड़क की दोनों पटरियों पर बड़े-बड़े बोल्डर, गिट्टियों के ढेर, गहरे गड्ढे और अनगिनत कट। प्रयाग से काशी के बीच 120 किमी लंबे कांवड़िया पथ का यही हाल है। सावन लगते ही ज्योतिर्लिंग बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए प्रयाग से काशी के लिए कांवड़ यात्रा 27 जुलाई से आरंभ होगी। इस मार्ग पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने भोले भक्तों पर फूल बरसाने की तैयार तो की है, लेकिन सड़कों के गड्ढे और कट अभी तक भरे नहीं जा सके हैं। कीचड़ से सराबोर सड़क पर रास्ते भर फिसलन मिलेगी और रोड़े। ऐसे में इस आस्था पथ पर नंगे पांव चलने वाले कांवड़ियों की यात्रा दुखदाई होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


महीने भर पहले से कांवड़ यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने की लंबी-चौड़ी कवायदों का कोई असर नहीं पड़ा है। संगम से जल भर कर निकलते ही झूंसी में भक्तों की दुश्वारियों भरी राह कठिन हो जाएगी। जीटी रोड पर कावंड़ मार्ग की हालत यहां बेहद खराब है। झूंसी पुलिया से लेकर चक हरिहरवन तक तकरीबन तीन किमी की दूरी में जीटी रोड की दोनों लेन चौड़ी की जा रही है। इस वजह से सड़क जहा- तहां खोदकर छोड़ दी गई है। सड़क के दोनों ओर बोल्डर पड़े हैं। शास्त्री पुल की सड़क भी जगह -जगह ध्वस्त है। कमोवेश यही हाल इलाहाबाद -वाराणसी हाईवे पर हनुमानगंज, सैदाबाद, हंडिया और बरौत में भी है।
विज्ञापन


हंडिया और बारौत में ओवरब्रिज निर्माण के चलते कावड़ियों को भारी दिकत का सामना करना पड़ेगा।  कावड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक वन वे होने से ध्वस्त सड़क पर हादसे की आशंका भी बनी रहेगी। अंदावा से सहसो मार्ग होते हुए जौनपुर के शिव मंदिर भी बड़ी तादाद में कावड़िए जल चढ़ाने जाते हैं। इस मार्ग पर रात को अंधेरा छा जाता है। बरौत बाजार में नेशनल हाइवे सड़क पर ओवर ब्रिज का निर्माण होने के कारण सड़क पर आवागमन अक्सर बाधित रहता है। सड़क के दोनों ओर से यातायात के लिए सर्विस बनाई गई है लेकिन भीषण जाम लग जाता है। मेन सड़क पर ओवर ब्रिज निर्माण के लिए बैरीकेडिंग कर दी गई है। जो सर्विस रोड बनी है, वह बेहद संकरी है। इस कारण कांवड़ियों को और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हंडिया और भीटी बाजार में अभी तक दोनों तरफ खोदी गई सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। इससे कांवड़ यात्रा पर जबरदस्त असर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन



जीटी रोड पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। सावन भर हजारों की तादाद में दिन-रात इस मार्ग पर चलने वाले बोल बम भक्तों को रात के अंधेरे में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रयाग से काशी के बीच कांवरिया मार्ग की मरम्मत समय रहते करा ली जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग मैं खुद करूंगा। मंगलवार को मुआयना कर कट और गड्ढे युद्ध स्तर पर भरवाएंगे, ताकि कांवड़ यात्रियों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हिमांशु मित्तल, मुख्य अभियंता, पीड्ब्ल्यूडी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed