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प्रयागराज में बाढ़ : चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचीं गंगा-यमुना, निचले इलाकों में घुसा पानी, समान समेटने लगे लोग

Mon, 31 Aug 2026 05:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 31 Aug 2026 05:04 PM IST
सार

गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को दोनों नदियों का पानी तेजी से बढ़ता रहा। सोमवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.72 मीटर और नैनी में यमुना 82.32 मीटर पहुंच गया।

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Floods in Prayagraj: Ganga and Yamuna near warning mark; water enters low-lying areas; people begin packing up
दशाश्वमेध घाट पर तेजी से बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को दोनों नदियों का पानी तेजी से बढ़ता रहा। सोमवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.72 मीटर और नैनी में यमुना 82.32 मीटर पहुंच गया।नदी का चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर और खतरे का निशान 84.734 मीटर है। गंगा चेतावनी बिंदु से महज 1.57 मीटर और यमुना 1.71 मीटर नीचे है।

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सोमवार को दोपहर तक कुछ निचले इलाकों में दोनों नदियों का पानी घुस गया। शाम तक इसका दायरा और बढ़ गया। दारागंज में प्रभावित परिवार जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे रहे। दारागंज से नागवासुकि की ओर जाने वाली रिंग रोड पानी में डूब गई। छोटा बघाड़ा और सलोरी क्षेत्र में भी पानी पहुंचने के बाद लोगों ने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया। रसूलाबाद घाट तक पानी पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार प्रभावित हो गए। अब व्यवस्था और आगे की ओर कर दी गई है।
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घाट पर आने वाले लोगों को बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उधर, यमुना के जलस्तर में वृद्धि से गऊघाट, बलुआघाट और बरगदघाट के आसपास के निचले इलाकों में भी पानी पहुंच गया। स्थानीय लोग घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। लगातार बढ़ते जलस्तर से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालाें को सतर्क करना शुरू कर दिया है। मुनादी कराकर अलर्ट किया जा रहा है।

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इस तरह बढ़ा जलस्तर

सुबह आठ से रात आठ बजे तक गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा 81.96 मीटर और रात आठ बजे 82.16 मीटर पहुंच गई। वहीं, नैनी में यमुना का जलस्तर 81.53 मीटर से बढ़कर 82.02 मीटर हो गया। छतनाग में गंगा 81.59 मीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 82.11 मीटर दर्ज किया गया।

दूर-दराज के कैचमेंट का भी असर

यमुना के बढ़ते जलस्तर के पीछे केवल प्रयागराज और आसपास की बारिश जिम्मेदार नहीं है। मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में हुई भारी बारिश का पानी विभिन्न सहायक नदियों के जरिये यमुना में पहुंचता है। चंबल, सिंध, बेतवा और केन यमुना की प्रमुख सहायक नदियां हैं। इनके जलग्रहण क्षेत्र का बारिश का पानी आगे यमुना के प्रवाह को बढ़ा रहा है।

चित्रकूट की मंदाकिनी भी महत्वपूर्ण कड़ी

चित्रकूट में इस समय उफान पर चल रही मंदाकिनी नदी का पानी भी यमुना में जाता है। मंदाकिनी का उद्गम मध्य प्रदेश के सतना जिले में होता है। यह चित्रकूट से होकर बहती हुई राजापुर क्षेत्र में यमुना में मिलती है।

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