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कछार में बाढ़ से अफरा-तफरी

Mon, 19 Aug 2019 01:18 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 01:18 AM IST
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flood
flood - फोटो : CITY DESK
सैकड़ों परिवारों ने परेड मैदान समेत स्कूलों में बनी बाढ़ राहत चौकियों में ली शरण
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बाढ़ से घिरे लोगों को नावों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मशक्कत जारी
बदरा-सोनौटी व हेतापट्टी में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
प्रयागराज। गंगा-यमुना में उफान से रविवार को कछारी इलाके की बस्तियों में पानी घुसने से अफरा-तफरी मच गई। गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद में संगम व बेली कछार समेत अन्य तटीय इलाकों से देर रात तक हजारों लोगों को घर छोड़ना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने छतों पर सामान शिफ्ट किया तो अनाज, कपड़े व अन्य सामान लेकर लोग दिन भर लोग रिश्तेदारों व परिचितों के यहां पहुंचते रहे। ट्रालियों-ठेलों के अलावा अन्य वाहनों से सामान दूसरी जगहों पर पहुंचाया जाता रहा। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। परेड मैदान के अलावा स्कूलों में स्थापित बाढ़ राहत चौकियों में लोगों ने शरण ले ली।
दोपहर बाद बड़े हनुमान मंदिर के लिए जाने वाली सड़क पर पानी आने से रास्ता बंद हो गया। दशाश्वमेध घाट, रामघाट डूबने के बाद गंगा का पानी सड़कों पर आ गया। इससे मुश्किलें बढ़ गईं। दारागंज में हड़कंप मच गया। बख्शीबांध से लेकर गंगा भवन, सब्जी मंडी तक के इलाकों से हजारों लोगों ने गृहस्थी समेट ली। नागवासुकि व दशाश्वमेध के आसपास सैकड़ों झोपड़ियों के पास पानी आने से वहां केबाशिंदे परेड में चले गए। इसी तरह शिवकुटी, चांदपुर, सलोरी, छोटा बाघाड़ा, बड़ा बाघाड़ा, बेली कछार, बेली गांव समेत आसपास के कछारी इलाकों से लोग दिन भर मकान खाली कर दूसरी जगहों पर जाते रहे। संगम से लेकर अन्य घाटों के घाटिए व तीर्थपुरोहितों ने बेनी बांध पर अपनी चौकियां लगा लीं। पूजा-प्रसाद की दुकानें भी बेनी बांध के ऊपर आ गईं। रामघाट पर पानी भरने से अंतिम संस्कार के लिए चिताएं लगाने में भी परेशानी खड़ी होने लगी। उधर बाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों के सैकड़ों घरों में घुसने के साथ ही धान की फसलें भी जलमग्न हो गईं। झूंसी कोहना और नई झूंसी में गंगातट के मकानों के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी भर गया। प्रभावित परिवारों ने मकान की दूसरी मंजिल पर शरण ले दी। झूंसी से लगे कछार के बदरा-सोनौटी, ढोलबजवा, हेतापट्टी, शेरडीह समेत एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे सैकड़ों बीघे फसल भी नष्ट हो गई है। देर रात बाढ़ का पानी झूंसी होकर जाने वाले बदरा-सोनौटी मार्ग पर भी आ गया। इससे सैकड़ों गांव का संपर्क भी टूटने की कगार पर पहुंच गया है।
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एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
झूंसी। देर शाम एसडीएम फूलपुर ने झूंसी से लगे बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। एसडीएम ने बदरा-सोनौटी मार्ग पर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही प्रभावित लोगों को हर संभव मदद किए जाने का भरोसा दिलाया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से तटीय इलाकों के लोग भयभीत हैं।
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किला मार्ग डूबा, अक्षयवट-सरस्वती कूप में दर्शन बंद
प्रयागराज। बाढ़ के पानी से किला मार्ग डूबने के बाद रविवार की दोपहर बाद अक्षयवट व सरस्वती कूप में दर्शन बंद हो गए। बाढ़ रहने तक अकबर के किले में स्थित इन मंदिरों में दर्शन स्थगित रहेगा। हालांकि किला परिसर के पास पानी आने के बाद भी दोपहर एक बजे तक लोग अक्षयवट में दर्शन के लिए पहुंचते रहे। एडीएम सिटी अशोक कुमार कन्नौजिया के मुताबिक अक्षयवट का दर्शन बाढ़ रहने तक स्थगित रहेगा।
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