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पांच ट्रेनें निरस्त, बाकी सब घंटों लेट
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 26 Dec 2014 01:51 AM IST
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इलाहाबाद। पिछले सप्ताहभर से चल रही ट्रेनों की लेटलतीफी अब भारी मुसीबत का सबब बन गई है। स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेनों के निरस्त होने का पता चल रहा है। ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली पर 15-20 मिनट की देर से दिखने वाली ट्रेनें 10 किमी का सफर पूरा करने में दो से तीन घंटे लगा रही हैं। बृहस्पतिवार को भी यह क्रम चला। लेटलतीफी के कारण वाराणसी-ग्वालियर बुंदेलखंड एक्सप्रेस, इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस और जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस, श्रीगंगानगर-हावड़ा तूफान एक्सप्रेस, मनकापुर-इलाहाबाद सरयू एक्सप्रेस और अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस रद कर दी गईं। साथ ही देर से आने के कारण संगम एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस को पुटबैक कर देर में रवाना किया गया।
ट्रेनों के देर से पहुंचने का आलम यह है कि बुधवार की भोर में आने वाली जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस 18 घंटे की देर यानी बृहस्पतिवार की भोर में आई और रात 11.30 बजे छूटने वाली दूसरे दिन करीब 11 बजे रवाना हुई। चंडीगढ़-इलाहाबाद ऊंचाहार एक्सप्रेस बुधवार दिन में 11.30 बजे आने के बजाए भोर में करीब पांच बजे आई और 5.30 बजे बिना झाड़ू और धुलाई के लिए गंदगी की स्थिति में ही रवाना कर दी गई। एसी कोचों तक में झाड़ू नहीं लग सकी। इसका असर यह हुआ कि चंडीगढ़ पहुंचने के समय यह ट्रेन वापसी में उन्नाव भी नहीं पहुंच सकी थी। 25 दिसंबर की चंडीगढ़-इलाहाबाद ऊंचाहार एक्स. 12 घंटे की देर से आई। संगम एक्सप्रेस रात 11 बजे मेरठ के लिए चलाई गई। उधर, दोनों दिशाओं से संघमित्रा एक्सप्रेस देर से चली।
बंगलौर जाने के लिए जंक्शन पहुंचे पांच यात्री सात नंबर प्लेटफार्म पर ख़ड़ी पटना जाने वाली संघमित्रा में सवार हो गए। ट्रेन छूटने पर उन्हें गलती का अहसास हुआ तो चलती ट्रेन से कूदे। इस दौरान दो बुजुर्ग प्लेटफार्म पर गिर भी गए। नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम 12 घंटे, हावड़ा-कालका मेल 10 घंटे, आनंद विहार-हटिया एक्स. 15 घंटे, नई दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्स. 18 घंटे, जोधपुर-हावड़ा 5.49 घंटे, दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल 12 घंटे, आनंद विहार-कोलकाता एक्स. 13 घंटे, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति 17 घंटे, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति 13 घंटे और हावड़ा-जोधपुर नौ घंटे की देरी से चलीं।
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ट्रेनों के देर से पहुंचने का आलम यह है कि बुधवार की भोर में आने वाली जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस 18 घंटे की देर यानी बृहस्पतिवार की भोर में आई और रात 11.30 बजे छूटने वाली दूसरे दिन करीब 11 बजे रवाना हुई। चंडीगढ़-इलाहाबाद ऊंचाहार एक्सप्रेस बुधवार दिन में 11.30 बजे आने के बजाए भोर में करीब पांच बजे आई और 5.30 बजे बिना झाड़ू और धुलाई के लिए गंदगी की स्थिति में ही रवाना कर दी गई। एसी कोचों तक में झाड़ू नहीं लग सकी। इसका असर यह हुआ कि चंडीगढ़ पहुंचने के समय यह ट्रेन वापसी में उन्नाव भी नहीं पहुंच सकी थी। 25 दिसंबर की चंडीगढ़-इलाहाबाद ऊंचाहार एक्स. 12 घंटे की देर से आई। संगम एक्सप्रेस रात 11 बजे मेरठ के लिए चलाई गई। उधर, दोनों दिशाओं से संघमित्रा एक्सप्रेस देर से चली।
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बंगलौर जाने के लिए जंक्शन पहुंचे पांच यात्री सात नंबर प्लेटफार्म पर ख़ड़ी पटना जाने वाली संघमित्रा में सवार हो गए। ट्रेन छूटने पर उन्हें गलती का अहसास हुआ तो चलती ट्रेन से कूदे। इस दौरान दो बुजुर्ग प्लेटफार्म पर गिर भी गए। नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम 12 घंटे, हावड़ा-कालका मेल 10 घंटे, आनंद विहार-हटिया एक्स. 15 घंटे, नई दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्स. 18 घंटे, जोधपुर-हावड़ा 5.49 घंटे, दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल 12 घंटे, आनंद विहार-कोलकाता एक्स. 13 घंटे, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति 17 घंटे, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति 13 घंटे और हावड़ा-जोधपुर नौ घंटे की देरी से चलीं।
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