प्रयागराज : अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड, शाहगंज एसओ समेत दो दरोगा पर गिरी गाज
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में थाना प्रभारी शाहगंज अश्विनी कुमार सिंह, एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरती जाने का मामला पाया गया है।
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अतीक अहमद-अशरफ हत्याकांड में पांच दिन बाद बुधवार को शाहगंज थाने के एसओ समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। शाहगंज थाना प्रभारी अश्विनी कुमार सिंह समेत जिन पांच पुलिसकर्मियों को हटाया गया, उनमें धूमनगंज थाने के दो दरोगा व दो सिपाही भी शामिल हैं। माफिया बंधुओं की हत्या में लापरवाही की बात सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है। दहला देने वाली यह घटना शाहगंज थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई थी।
मोती लाल नेहरू मंडलीय (कॉल्विन) अस्पताल के गेट पर 15 अप्रैल की रात 10:37 बजे अतीक व अशरफ को गोलियों से भून दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि थाना प्रभारी पर आरोप है कि हाई प्रोफाइल मामला होने के बावजूद अतीक-अशरफ को लाए जाने के समय उन्होंने वह सक्रियता नहीं दिखाई, जो अपेक्षित थी। वह खुद या उनके थाने का कोई भी पुलिसकर्मी अतीक-अशरफ को अस्पताल लाए जाने से पहले वहां नहीं पहुंचा।
अतीक को अस्पताल ले जाते समय सुरक्षा में थे तैनात
इसके अलावा जिन अन्य पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है, वह सभी धूमनगंज थाने के हैं। इनमें नीवा चौकी प्रभारी प्रीत कुमार पांडेय के अलावा एसआई शिवप्रसाद मौर्य व सिपाही जयमेश कुमार, संजय प्रजापति शामिल हैं। निलंबित किए गए दरोगा शिवप्रसाद व सिपाही जयमेश भी इसी चौकी में तैनात थे। जबकि, एक अन्य सिपाही संजय की तैनाती धूमनगंज थाने में थी। बताया जा रहा है कि यह पुलिस कर्मी भी अतीक-अशरफ को काल्विन में लाए जाने के दौरान सुरक्षा में तैनात थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आकाश कुलहरि ने बताया कि पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
अतीक-अशरफ को अस्पताल लाए जाने की सूचना पर भी संशय
इस मामले में सवाल यह उठ रहा है कि क्या शाहगंज थाना प्रभारी को यह सूचना दी गई थी कि अतीक-अशरफ को उपचार के लिए कॉल्विन अस्पताल लाया जा रहा है। इस बारे में जब निलंबित थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। खास बात यह कि पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की वजह क्या रही, देर रात तक पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी।
अतीक-अशरफ हत्याकांड में पहली कार्रवाई
अतीक-अशरफ हत्याकांड में यह पहली कार्रवाई है। एक दिन पहले एसीपी धूमनगंज नरसिंह नारायण सिंह का तबादला कर उन्हें पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया था।
प्रभारी की जिम्मेदारी तय न होने पर उठे सवाल
पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद इस प्रकरण में धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार मौर्य की जिम्मेदारी तय नहीं होने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दरअसल उमेश पाल हत्याकांड जिस जगह पर हुआ, वह धूमनगंज थाना अंतर्गत स्थित है। इसके अलावा उनकी ही अभिरक्षा में अतीक-अशरफ की हत्या की वारदात हुई। ऐसे में अब तक उनकी जिम्मेदारी क्यों नहीं तय हुई, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।