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प्रयागराज: खाते में ही रह गए बच्चों के लिए मिले पांच करोड़ रुपये, परिषदीय स्कूलों को जारी बजट नहीं हो सका खर्च

Sat, 06 May 2023 12:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 06 May 2023 12:02 PM IST
सार

बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित स्कूलों में एसएमसी यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के विभिन्न खातों में सरकार की तरफ से अलग-अलग मद में रुपये भेजे जाते हैं। इन रुपयों का प्रयोग स्कूल के विभिन्न कार्यों में किया जाता है।

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Five crore rupees received for the children left in the account, the budget released to council schools could
स्कूल। सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित स्कूलों में एसएमसी यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के विभिन्न खातों में सरकार की तरफ से अलग-अलग मद में रुपये भेजे जाते हैं। इन रुपयों का प्रयोग स्कूल के विभिन्न कार्यों में किया जाता है, लेकिन स्कूलों की तरफ से इन रुपयों को खर्च नहीं करने के कारण करीब पांच करोड़ रुपये अब शासन को वापस भेजने पड़ रहे हैं। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।

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परिषदीय स्कूलों में दो साल पहले तक विभिन्न कार्य एसएमसी के अंतर्गत होते थे। इसमें मिड-डे मील को छोड़कर बच्चों की यूनिफार्म, स्कूल की रंगाई पुताई, रख रखाव, मरम्मत, स्लोगन लिखवाने समेत अन्य कार्य शामिल थे। एमएमसी के अध्यक्ष और हेडमास्टर का संयुक्त खाता बैंक में खोला जाता था। इस खाते में शासन की तरफ से भेजे गए रुपयों से सभी कार्य कराए जाते थे, लेकिन जिले के विभिन्न ब्लॉक के स्कूलों में पांच करोड़ से अधिक रुपये आज तक खर्च नहीं हो सके। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बचे हुए रुपयों को तत्काल वापस करने का निर्देश दिया गया है।

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दो साल पहले तक प्रत्येक स्कूल में थी कमेटी

एसएमसी यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन प्रत्येक परिषदीय स्कूल में किया जाता था। इसमें कुल 15 सदस्य होते थे। इनमें 11 सदस्य स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक होते थे। 11 सदस्यों में छह महिला और पांच पुरुष सदस्य होना अनिवार्य था। यही सदस्य अपना अध्यक्ष चुनते थे। इसके अलावा हेड मास्टर पदेन सचिव, एएनएम, लेखपाल और दो अन्य सदस्य मनोनीत होते थे। यही कमेटी स्कूल से जुड़े सभी कार्य संपादित कराती थी।

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