महाधिवक्ता कार्यालय में लगी आग से तगड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। आग की चपेट में आकर एक लाख फाइलें तो राख हुईं, साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से बनी बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। इसमें दीवारें समेत छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। उधर फर्नीचर के साथ ही वायरिंग भी राख हो गई। यहां तक कि सुरक्षा के लिए लगाए गए लाखों रुपये मूल्य केसीसीटीवी भी बर्बाद हो गए।
महाधिवक्ता कार्यालय में आग : फाइलें हीं नहीं, 14 घंटों में स्वाहा हो गए करोड़ों रुपये
जानकारों का कहना है कि महाधिवक्ता कार्यालय जिस डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में स्थित है, वह अपनी खास बनावट के लिए जाना जाता है। निर्माण के बाद से ही यह आलीशान भवन अपनी वास्तुकला के लिए आने जाने वालों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
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नीचे के पांच तल तो सुरक्षित रहे लेकिन छठे से लेकर नौवें तल तक दीवारें, छतें भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत कार्य में लगे जवानों ने बताया कि आग के चलते भीतर का तापमान इतना ज्यादा हो गया था कि कई दीवारों में दरारें पड़ गईं। हालात यह थे कि शाम को आग पर काबू किए जाने के बाद भी उनकी गर्माहट बनी रही। इसके अलावा छतें भी चिटक गई थीं। उधर ऊपर के चार तलों पर रखे अधिकांश फर्नीचर भी आग की भेंट चढ़ गया।
यही नहीं वायरिंग भी राख हो गई। ट्यूबलाइट व एलईडी बल्ब भी पिघल गए थे। इसके अलावा वहां लगे कई सीसीटीवी कैमरे भी आग की जद में आकर काले पड़ गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि घटना में करोड़ों का नुकसान हुआ है। सीएफओ डॉ. राजीव पांडेय का कहना है कि घटना में कितने का नुकसान हुआ, इस बारे में कुछ बता पाना मुश्किल है। संबंधित अधिकारी ही इस संबंध में बता पाएंगे।
रिपेयरिंग में लगेगा समय, काम होगा प्रभावित
रविवार को हुई घटना के बाद यह भी कहा जा रहा है कि बिल्डिंग को उसके पुराना स्वरूप देने में अभी वक्त लगेगा। जिससे काम भी प्रभावित हो सकता है। दरअसल छतों केसाथ ही दीवारों की भी रिपेयरिंग करानी होगी। इसके अलावा वायरिंग व सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करना भी खर्चीला और समय लगने वाली प्रक्रिया है। फर्नीचर का इंतजाम भी करना होगा। इसके अलावा प्रभावित मंजिलों पर एक बार फिर से रंगाई पुताई भी करानी होगी।
पुलिस ने डीवीआर लिया कब्जे में, लैब भेजा गया
महाधिवक्ता कार्यालय में हुई अग्नि दुर्घटना के मामले में जांच पड़ताल शुरू हो गई है। इसके तहत पुलिस ने बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर(डीवीआर) भी कब्जे में ले लिया है। साथ ही इसे फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेज दिया है। यहां सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच होगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज एक हादसा था या इससे इतर भी किसी बिंदु पर जांच की आवश्यक्ता है।
सूत्रों का कहना है कि राहत कार्य के दौरान ही पुलिस ने मौकेपर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही इसकेडीवीआर को भी कब्जे में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जो फुटेज देखी गई, उनमें कोई संदिग्ध गतिविधि बिल्डिंग के भीतर नहीं मिली है। फुटेज देखने का आशय यह था कि कहीं कोई व्यक्ति अनाधिकृत तौर से तो बिल्डिंग के भीतर नहीं प्रवेश कर गया था। फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि एहतियातन पुलिस अफसरों ने डीवीआर कब्जे में ले लिया। अफसरों का कहना है कि शाम को ही इसे सील कर जांच के लिए एफएसएल भेज दिया गया है। विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करते वक्त फोरेंसिक लैब में हुई डीवीआर की जांच रिपोर्ट को भी समाहित किया जाएगा।