Mahakumbh : मेले में केमिकल रिसाव, रेडिएशन से विस्फोट के बाद लगी आग
परमाणु ऊर्जा विभाग और उप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मॉक ड्रिल की थी। इस दौरान रासायनिक विकिरण का पता लगाने और माप करने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई।
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मेला पुलिस लाइन में शुक्रवार को अचानक केमिकल रिसाव और रेडिएशन से विस्फोट के बाद आग लगने से अफरातफरी फैल गई। इसके बाद एनडीआरएफ के साथ ही सेना, अग्निशमन व चिकित्सकों की टीम ने तत्परता दिखाई और कुछ ही देर में स्थिति पर काबू पा लिया। तालियाें की गड़गड़ाहट से पता चला कि महाकुंभ में रासायनिक व परमाणु आपदाओं से निपटने के लिए की गई तैयारियों को परखने के लिए यह मॉकड्रिल थी।
परमाणु ऊर्जा विभाग और उप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मॉक ड्रिल की थी। इस दौरान रासायनिक विकिरण का पता लगाने और माप करने वाले उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही भाभा एटाॅमिक रिसर्च सेंटर और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिकों ने रासायनिक रिसाव के आकलन और प्रतिक्रिया रणनीति, डीकॉन्टेमिनेशन संबंधित प्रक्रिया के बारे में बताया।
इसके जरिये रासायनिक एवं परमाणु आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रतिभागियों को सीएमजी, परमाणु ऊर्जा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार नायक और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य ले. जनरल (रिटायर) सय्यद अता हसनैन ने भी संबोधित किया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने कहा कि शनिवार को रासायनिक आपदा पर आधारित मॉक ड्रिल होगी।
मॉक ड्रिल में परमाणु ऊर्जा विभाग, भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर-मुंबई, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन-नई दिल्ली, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल-नई दिल्ली, राज्य आपदा मोचन बल-लखनऊ, भारतीय सेना, मेला प्रशासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, अग्निशमन विभाग, चिकित्साधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, मिर्जापुर, श्रावस्ती एवं गोरखपुर के अधिकारियों सहित 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।