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शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:14 AM IST
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शहीद काे अंतिम संस्कार काे ले जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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श्रीनगर में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में शहीद हुए जवान राजेश कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव स्थित घर लाने के बाद जेरा गंगा घाट पर सीआरपीएफ बैंड की मातमी धुन के बीच अंतिम संस्कार किया गया। घाट पर सैकड़ों लोगों ने राजेश कुमार अमर रहे के नारे लगाए। सीआरपीएफ., पुलिस-प्रशासनिक अफसरों तथा जनप्रतिनिधियों ने शहीद को अंतिम सलामी दी।
नीबी गांव (कुकुरकटवा) निवासी बिंद्रा प्रसाद के दो बेटों में छोटा राजेश कुमार सीआरपीएफ में कांस्टेबिल के पद पर श्रीनगर में तैनात था। शनिवार को सीआरपीएफ का काफिला श्रीनगर के पोपोर इलाके से गुजर रहा था तभी हुए आतंकी हमले में राजेश कुमार सहित आठ जवान शहीद हो गए थे। खबर मिलने के बाद से शहीद राजेश के घर-गांव में मातम छाया है। रविवार देर रात राजेश का पार्थिव शरीर लखनऊ से फाफामऊ स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर लाया गया। वहां से सुबह करीब पौने छह बजे सीआरपीएफ के अधिकारी शहीद का शव लेकर नीबी में उसके घर पहुंचे। शव घर पहुंचते ही परिजनों का विलाप गूंजने लगा। पत्नी और मां समेत परिवार तथा रिश्ते की महिलाएं रोने-कलपने लगीं।
ब तक एसपी यमुनापार अशोक कुमार, एडीएम प्रशासन महेंद्र राय, एसडीएम मेजा आशीष मिश्रा, सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे, नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल भी पहुंच गए थे। शहीद के शव के साथ सीआरपीएफ के डीआईजी डीके त्रिपाठी, असिस्टेंट कमांडेंट रमेश शुक्ला, रजनीश मिश्रा, सीआरपीएफ 93 बटालियन लखनऊ के असिस्टेंट कमांडेंट अजीत कुमार शुक्ला सहित कई अफसर वहां आ गए थे। परिजनों को दिलासा देकर शांत कराने के बाद शहीद का शव मेजा के जेरा गंगा घाट ले जाया गया जहां करीब साढे़ नौ बजे सीआरपीएफ के बैंड की मातमी धुन के बीच पिता बिंद्रा प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। पिता ने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। सभी अफसरों और सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड आफ ऑनर के साथ ही अंतिम सलामी दी। जेरा घाट राजेश कुमार अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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नीबी गांव (कुकुरकटवा) निवासी बिंद्रा प्रसाद के दो बेटों में छोटा राजेश कुमार सीआरपीएफ में कांस्टेबिल के पद पर श्रीनगर में तैनात था। शनिवार को सीआरपीएफ का काफिला श्रीनगर के पोपोर इलाके से गुजर रहा था तभी हुए आतंकी हमले में राजेश कुमार सहित आठ जवान शहीद हो गए थे। खबर मिलने के बाद से शहीद राजेश के घर-गांव में मातम छाया है। रविवार देर रात राजेश का पार्थिव शरीर लखनऊ से फाफामऊ स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर लाया गया। वहां से सुबह करीब पौने छह बजे सीआरपीएफ के अधिकारी शहीद का शव लेकर नीबी में उसके घर पहुंचे। शव घर पहुंचते ही परिजनों का विलाप गूंजने लगा। पत्नी और मां समेत परिवार तथा रिश्ते की महिलाएं रोने-कलपने लगीं।
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ब तक एसपी यमुनापार अशोक कुमार, एडीएम प्रशासन महेंद्र राय, एसडीएम मेजा आशीष मिश्रा, सीओ मेजा जीतेंद्र दुबे, नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल भी पहुंच गए थे। शहीद के शव के साथ सीआरपीएफ के डीआईजी डीके त्रिपाठी, असिस्टेंट कमांडेंट रमेश शुक्ला, रजनीश मिश्रा, सीआरपीएफ 93 बटालियन लखनऊ के असिस्टेंट कमांडेंट अजीत कुमार शुक्ला सहित कई अफसर वहां आ गए थे। परिजनों को दिलासा देकर शांत कराने के बाद शहीद का शव मेजा के जेरा गंगा घाट ले जाया गया जहां करीब साढे़ नौ बजे सीआरपीएफ के बैंड की मातमी धुन के बीच पिता बिंद्रा प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। पिता ने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। सभी अफसरों और सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड आफ ऑनर के साथ ही अंतिम सलामी दी। जेरा घाट राजेश कुमार अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
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