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डिग्री कालेजों की मनमानी फीस वृद्धि को चुनौती
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हाईकोर्ट ने मेरठ विश्वविद्यालय को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का दिया निर्देश
प्रयागराज। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध डिग्री कॉलेजों द्वारा मनमाने तरीके से की जा रही फीस वृद्धि को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय इसकी जांच करे और निष्कर्षों को कोर्ट के समक्ष पेश करे। याचिका की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गाजियाबाद पेरेंट एसोसिएशन की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध डिग्री कॉलेजों द्वारा मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। जबकि विश्वविद्यालय ने फीस निर्धारित कर रखी है। संबद्ध कालेज, विश्वविद्यालय के निर्देशों के खिलाफ अधिक फीस की वसूली कर रहे हैं। उनको ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है। विश्वविद्यालय कानून के तहत नियमों का पालन न करने वाले कालेजों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। वह कालेज की संबद्धता वापस ले सकता है। इस पर कोर्ट ने जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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प्रयागराज। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध डिग्री कॉलेजों द्वारा मनमाने तरीके से की जा रही फीस वृद्धि को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय इसकी जांच करे और निष्कर्षों को कोर्ट के समक्ष पेश करे। याचिका की सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गाजियाबाद पेरेंट एसोसिएशन की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध डिग्री कॉलेजों द्वारा मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। जबकि विश्वविद्यालय ने फीस निर्धारित कर रखी है। संबद्ध कालेज, विश्वविद्यालय के निर्देशों के खिलाफ अधिक फीस की वसूली कर रहे हैं। उनको ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है। विश्वविद्यालय कानून के तहत नियमों का पालन न करने वाले कालेजों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। वह कालेज की संबद्धता वापस ले सकता है। इस पर कोर्ट ने जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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