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Prayagraj : नवजात शिशु को पिता भी दे सकता है कंगारू मदर केयर थेरेपी
Sun, 31 May 2026 03:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 May 2026 03:25 PM IST
सार
मां ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर पिता भी नवजात शिशु के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए कंगारू मदर केयर थेरेपी दे सकता है। इस दौरान पिता को कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए।
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एएमए में आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेते डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मां ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर पिता भी नवजात शिशु के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए कंगारू मदर केयर थेरेपी दे सकता है। इस दौरान पिता को कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए।
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इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटीज़ ऑफ इंडिया (एफओजीएसआई) की तरफ से समय से पहले बच्चे के जन्म, नवजात शिशु व उसके जीवन को सुरक्षित रखने को लेकर कार्यशाला के दौरान वाराणसी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रितु खन्ना ने कही।
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उन्होंने कहा कि समय से पहले जन्म लेने वाले या फिर कम वजन के नवजात शिशुओं को ठंड से बचाना जरूरी होता है। ऐसे बच्चों का जीवित रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर कंगारू मदर केयर बेहद जरूरी है। अगर माता किन्हीं कारणों से यह थेरेपी नहीं दे पा रही हैं, तो परिवार का कोई भी सदस्य बच्चे को अंगोछे में बांधकर शरीर से लगा सकता है।
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द फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गाइनोकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फॉग्सी) तमिलनाडु की अध्यक्ष डॉ. चार्मिला ने कहा कि बाल मृत्यु दर को समाप्त करना मुख्य उद्देश्य है। अगर गर्भधारण करने से पहले महिला चिकित्सक को दिखाकर अपनी शुगर व बीपी सहित अन्य जांचें करा लें तो समय से पहले बच्चे के जन्म को रोका जा सकता है।
इसके अलावा कुछ दवाइयां और बच्चे दानी में टांके लगाकर भी समय से पहले बच्चे के जन्म को रोक सकते हैं। वहीं डॉ. अमृता चौरसिया ने कहा कि तमिनाडु में शिशुओं की मृत्यु दर काफी घटी है। ऐसे में तमिनाडु के मॉडल को उत्तर प्रदेश में लाया जाना जरूरी है।