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किसानों ने विद्यालय में बंद किए आवारा पशु, बच्चों ने जमीन पर बैठ की पढ़ाई
Tue, 08 Jan 2019 01:32 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:32 AM IST
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स्कूल में बंद आवारा पशु
- फोटो : अमर उजाला
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फसलों को नुकसान पहुंचने पर क्षेत्र के भड़िवार गांव के लोगों ने शनिवार रात सैकड़ों आवारा पशुओं को प्राथमिक विद्यालय भड़िवार में बंद कर दिया। सोमवार को जब विद्यालय खुला तो शिक्षकों ने विद्यालय परिसर को पशुबाड़ा बना देखा। इस दौरान शिक्षकों ने गांव वालों से किचकिच करने के बजाए विद्यालय के बाहर ही बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाई शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम से लेकर तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्कूल से मवेशियों को बाहर निकलवाया।
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क्षेत्र के भड़िवार गांव के लोगों ने आवारा पशुओं से आजिज आकर शनिवार रात सैकड़ों आवारा पशुओं को प्राथमिक विद्यालय भड़िवार में बंद कर दिया। जब सोमवार की सुबह विद्यालय खुला तो वहां का नजारा देखकर शिक्षकों के हाथ पांव फूल गए। वहां शिक्षकों ने ठंड की परवाह न करते हुए विद्यालय के बाहर ही बच्चों को बैठाकर पठन-पाठन शुरू करा दिया। विद्यालय के एक शिक्षक ने खंड शिक्षा अधिकारी शंकरगढ़ को फोन पर सूचना दी तो विभागीय अधिकारियों सहित प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने मौके पर पंहुच कर स्कूल के बाहर पढ़ रहे बच्चों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय भड़िवार में बैठाने की व्यवस्था कराई।
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इसके बाद उपजिलाधिकारी बारा को सूचना दी गई। कुछ देर बाद उपजिलाधिकारी बारा दयाशंकर पाठकए क्षेत्राधिकारी बारा, थानाध्यक्ष शंकरगढ़ भुवनेश कुमार चौबे आदि मौके पर पंहुचे। किसानों से घंटों चली बातचीत के बाद सभी आवारा पशुओं को विद्यालय परिसर से बाहर निकाला गया। उपजिलाधिकारी बारा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस क्षेत्र में पशुबाड़ा बनाया जाएगा। उन्होंने हल्का लेखपाल को आदेशित किया कि तत्काल सरकारी भूमि को चिन्हित कर सूचना दें, जिससे पशुबाड़ा बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से शंकरगढ़ थाने में शिक्षण कार्य में बाधा डालने से संबंधित एक तहरीर भी अज्ञात लोगों के खिलाफ दी है।
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