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प्रयागराज : एमएलसी चुनाव में जीत की गारंटी माने जाते थे डॉ. यज्ञदत्त शर्मा, 24 साल बाद मिली थी शिकस्त

Thu, 04 Jan 2024 06:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 04 Jan 2024 06:26 PM IST
सार

एमएलसी डॉ. यज्ञदत्त शर्मा भाजपा के टिकट पर लगातार चार बार इलाहाबाद-झांसी खंड से शिक्षक एमएलसी निर्वाचित हुए। पांचवीं बार वह डॉ. मान सिंह यादव से पराजित हो गए। आठ अप्रैल 2019 में उनकी पत्नी निर्मला शर्मा का भी निधन हो गया था। वह जीत की गारंटी माने जाते थे। 

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Farmer cried in front of DM, said - Sir, if I don't get proper compensation, I will kill myself by jumping fro
डॉ. यज्ञदत्त शर्मा। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ.यज्ञदत्त शर्मा का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह करीब 82 साल के थे। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनको उपचार के लिए मेदांता लखनऊ में भर्ती कराया गया था, जहां बृहस्पतिवार दो दोपहर में उन्होंने अंतिम सांस ली। 

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जीत की गारंटी माने जाते थे डॉ. शर्मा

प्रयागराज शहर के मीरापुर इलाके रहने वाले यज्ञदत्त ने शिक्षक एमएलसी चुनाव में हार के साथ राजनैतिक स़फर की शुरूआत की थी, लेकिन फिर इसी सीट पर ऐसा कब़्जा जमाया कि उनका तिलिस्म टूट नहीं पाया। एक बार तो यज्ञदत्त को अजेय नेता माना जाने लगा। 1996 में सपा प्रत्याशी रमेश चंद्र श्रीवास्तव को लगभग पांच ह़जार वोटों से हराकर डॉ. यज्ञदत्त शर्मा उच्च सदन में पहुंचे और फिर पलटकर नहीं देखा।

जीत की गारंटी बन चुके यज्ञदत्त ने दूसरा चुनाव 2002 में जीता। इस चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी डॉ. प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव को लगभग 7500 मतों से हराया। 2008 में उनका मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. बाबूलाल तिवारी से हुआ। कड़े मुकाबले में डॉ. यज्ञदत्त ने जीत की हैट्रिक लगाई। वर्ष 2014 के चुनाव में उनका मुकाबला एक बार फिर डॉ. बाबूलाल तिवारी से हुआ, लेकिन इस बार डॉ. बाबूलाल तिवारी बसपा का समर्थन लेकर मैदान में उतरे थे। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और यज्ञदत्त द्वितीय वरीयता के मत पाकर 4,732 मत से विजयी घोषित किए गए। बतौर एमएलसी 24 साल तक सत्ता में रहने वाले डॉ. यज्ञदत्त इस बार चुनाव हार गए।

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हार से हुई थी सियासी सफर की शुरूआत

भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा के राजनैतिक स़फर की शुरूआत चुनावी हार से हुई थी। इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक विधायक सीट पर पहला चुनाव 1990 में लड़ा था। इस चुनाव में जनता दल के प्रत्याशी रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने उन्हें लगभग 1700 मतों से परास्त कर दिया था। अगले ही चुनाव में उन्होंने रमेशचंद्र श्रीवास्तव को हराकर पिछली हार का बदला ले लिया।

सपा से जीतकर बनाया वर्चस्व, सपा से ही हारे

भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने पारी की शुरूआत 1990 में रमेश चंद्र श्रीवास्तव से चुनाव हारकर की थी। जीत का स्वाद उन्होंने रमेश चंद्र को हराकर चखा, लेकिन इस चुनाव में रमेश चन्द्र सपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े थे। 24 साल बाद उन्हें सपा प्रत्याशी से ही हार मिली।

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