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Prayagraj News: दरोगा की पत्नी की मौत पर परिजनों और अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
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प्रदर्शन के दौरान एसीपी को शिकायती पत्र सौंपते परिजन। स्रोत : परिवार
- फोटो : Archive
पारस ग्रीन अपार्टमेंट में अधिवक्ता कंचन शर्मा की मौत के मामले में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके समर्थन में अधिवक्ताओं ने बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे आंबेडकर चौराहे पर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल को शिकायती पत्र सौंपा गया। निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने पर दो घंटे के बाद ने प्रदर्शन समाप्त किया गया।
उधर, कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र के पी. रोड निवासी कंचन के पिता बैजनाथ शर्मा, छोटी बहन प्रिया और भाई संस्कार ने धूमनगंज थाने में मामले की जानकारी ली। आरोप है कि पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगने गई उपलब्ध नहीं कराई गई।
पिता का कहना है कि घटना के वक्त आरोपी नशे में था लेकिन उसका मेडिकल नहीं कराया गया। साथ ही आरोपी ने शव अकेले कैसे उतारा इस बारे में भी कुछ नहीं बताया गया। बैजनाथ ने एसीपी को दिए प्रार्थनापत्र में बेटी की मौत को लेकर हत्या का शक जताया है।
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उनका आरोप है कि घटना से कुछ समय पहले कंचन ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद जितेंद्र ने फोन कर कंचन के आत्महत्या करने की सूचना दी। वह घटना से पहले तीन दिन प्रयागराज में बेटी के पास थे। 19 सितंबर की शाम जितेंद्र ने उन्हें कानपुर भेज दिया था।
आरोप - कंचन के शरीर पर थे चोट के निशान
प्रार्थनापत्र में बैजनाथ ने आरोप लगाया कि परिवार के पहुंचने से पहले ही फ्लैट को पुलिस ने सील कर शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। कंचन के कंधे और आंख के नीचे चोट व काला निशान, गले पर खरोंच के निशान थे। फ्लैट के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराने पर साक्ष्य से छेड़छाड़ की भी आशंका जताई है। जितेंद्र धूमनगंज थाने में दरोगा है और घटना भी उसी थाना क्षेत्र की है। ऐसे में जांच धूमनगंज थाने से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा सकता है।
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उधर, कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र के पी. रोड निवासी कंचन के पिता बैजनाथ शर्मा, छोटी बहन प्रिया और भाई संस्कार ने धूमनगंज थाने में मामले की जानकारी ली। आरोप है कि पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगने गई उपलब्ध नहीं कराई गई।
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पिता का कहना है कि घटना के वक्त आरोपी नशे में था लेकिन उसका मेडिकल नहीं कराया गया। साथ ही आरोपी ने शव अकेले कैसे उतारा इस बारे में भी कुछ नहीं बताया गया। बैजनाथ ने एसीपी को दिए प्रार्थनापत्र में बेटी की मौत को लेकर हत्या का शक जताया है।
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उनका आरोप है कि घटना से कुछ समय पहले कंचन ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद जितेंद्र ने फोन कर कंचन के आत्महत्या करने की सूचना दी। वह घटना से पहले तीन दिन प्रयागराज में बेटी के पास थे। 19 सितंबर की शाम जितेंद्र ने उन्हें कानपुर भेज दिया था।
आरोप - कंचन के शरीर पर थे चोट के निशान
प्रार्थनापत्र में बैजनाथ ने आरोप लगाया कि परिवार के पहुंचने से पहले ही फ्लैट को पुलिस ने सील कर शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। कंचन के कंधे और आंख के नीचे चोट व काला निशान, गले पर खरोंच के निशान थे। फ्लैट के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराने पर साक्ष्य से छेड़छाड़ की भी आशंका जताई है। जितेंद्र धूमनगंज थाने में दरोगा है और घटना भी उसी थाना क्षेत्र की है। ऐसे में जांच धूमनगंज थाने से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा सकता है।