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मौसम के साथ बिगड़ा मौनी का मेला

Sat, 28 Jan 2017 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 28 Jan 2017 02:45 AM IST
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Fair weather, with impaired Mouni
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सुबह घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं और दोपहर बाद अचानक कई घाटों पर भीड़ कम हो गई। मौसम में तेजी से हुए बदलाव ने मौनी का मेला बिगाड़ दिया। भोर में हुई बारिश और दोपहर में सर्द हवाओं एवं बादलों का असर माघ मेला क्षेत्र पर भी दिखा। बारिश से बचाव के लिए इंतजाम भी नाकाफी नजर आए। सुबह हुई बारिश के बाद मेले में अफरातफरी से मच गई और लोग सुरक्षित ठिकाना खोजने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
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वैसे प्रशासन दो करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का दावा कर रहा है लेकिन मेला क्षेत्र में शिविरों के रूप में जो रैन बसेरे बनाए गए, वे दस हजार श्रद्धालुओं के लिए भी काफी नहीं थे। मौनी अमावस्या पर स्नान का पुण्यकाल शुक्रवार सुबह 4.47 बजे से शुरू हुआ। भीड़ अचानक बढ़ी और कुछ ही देर में स्नान के लिए बनाए गए 18 घाटों पर पैर रखने की जगह भी नहीं बीच। सुबह पांच बजे के आसपास बारिश शुरू हुई तो श्रद्धालु सिर छिपाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रशासन ने मेला क्षेत्र में 450 रैन बसेरे बनवाए हैं, जो 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए भी काफी नहीं। नतीजा कि बारिश से बचने के लिए घाटों और मेला क्षेत्र के अन्य हिस्से में अफरतफरी जैसा माहौल नजर आया।
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इसके बावजूद सुबह आठ बजे तक संगम नोज समेत सभी घाटों पर स्नानार्थियों की जबर्दस्त भीड़ रही लेकिन दोपहर तक भीड़ तेजी से छंटने लगी। सर्द हवाओं ने जोर मारा और बादल छाए तो मेला की तरफ जाने वालों से ज्यादा उधर से लौटने वाली की भीड़ बढ़ गई। हालांकि इस दौरान कमिश्नर राजन शुक्ला, डीएम संजय कुमार, कमांडेंट आरएएफ  दिनेश सिंह चंदेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर, अपर जिलाधिकारी नगर पुनीत शुक्ल, प्रभारी अधिकारी माघ मेला आशीष कुमार मिश्र मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे और सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। घाटों समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षा के चौकस इंतजाम रहे और सेना के हेलीकॉप्टर, सीसीटीवी एवं ड्रोन से भी मेले की निगरानी होती रही।
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दोपहर के वक्त अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। उस वक्त संगम और असपास दर्जनों नौकाओं का संचालन किया जा रहा था। तेज हवाओं के थपड़ों से नौकाएं डगमगाने लगीं, पर गनीमत रही कि सबकुछ ठीक रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम संजय कुमार ने नौकाओं का संचालन तत्काल बंद करा दिया।

मौनी अमावस्या पर शुक्रवार सुबह घाटों पर भीड़ इस कदर उमड़ी कि हजारों की संख्या में लोग अपनों से बिछुड़ गए। घाट पर स्नान के बाद लोग लौटे तो किसी का कपड़ा गायब था तो कई भूल गया था कि वह अपने साथियों को किस जगह छोड़कर स्नान करने गया था। सर्द हवाओं में बिन कपड़ों के ठिठुरते श्रद्धालुओं को सिविल डिफेंस के स्वयं सेवकों से मदद मिली। सिविल डिफेंस की ओर से स्नानार्थियों एवं श्रद्धालुओं को कपड़ा, कम्बल, भोजन आदि का वितरण किया गया।


मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या और मौनी अमावस्या के दिन तकरीबन 20 हजार लोग मेला क्षेत्र में अपनो से बिछुड़ गए। 26 जनवरी को 11 हजार 529 पुरुष एवं महिला और 41 बच्चे बिछुड़े तो 27 जनवरी को 8175 महिला एवं पुरुष और 39 बच्चे मेले में भटक गए। हालांकि सभी 80 बच्चों को उनके परिजनों से मिला दिया गया।
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