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डीएम खर्च बताएं, बजट हम दिलाएंगे: हाईकोर्ट

Mon, 03 Jun 2019 08:46 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Jun 2019 08:46 PM IST
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Explain DM spending, we will draw budget: High Court
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी से प्रयागराज से कहा है कि वह अलगे दो वर्षों में प्रयागराज और उसके आसपास वृक्षारोपड़ और उस पर आने वाले खर्च का अध्ययन कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि  लगाए गए पेड़ों और उसके संरक्षण में होने वाले खर्च की रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि डीएम वन विभाग  और जरूरी हो तो विशेषज्ञों के परामर्श से वृक्षारोपण की रिपोर्ट तैयार करें ताकि कोर्ट इस पर आने वाले खर्च की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार को आदेश दे सके ।
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सड़कों के चौड़ीकरण के दौरान व्यापक पैमाने पर हरे वृक्षों की कटाई के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीएम से वृक्षारोपण की योजना में गांव सभा और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को भी ध्यान में रखने का निर्देश दिया है। । इस मामले में पूर्व में हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई की निगरानी हेतु  पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जिसमें  कहा था कि कमेटी की संस्तुति पर सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी होने पर ही जिलाधिकारी पेड़ काटने की अनुमति दें और उससे अधिक पेड़ लगाने की व्यवस्था करें। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया था कि मशीनों के जरिए छोटे पेड़ जड़ से खोद कर अन्यत्र भी लगाने का प्रयास किया जाए। अदालत ने इस कमेटी को भी अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल ने विधि छात्रों शिवांश तिवारी, ज्योति वर्मा सहित 11 छात्र छात्राओं की जनहित याचिका पर दिया है। याचीगण का कहना था कि कुंभ के दौरान पेड़ काटने की वजह से प्रयागराज इस बार सबसे ज्यादा गर्म जिला रहा है। यहां का तापमान 48.6 डिग्री तक पहुंच गया था। इसलिए शासन को पेड़ लगाने और उसके संरक्षण के लिए निर्देश दिए जाए । याची का यह भी कहना है कि जिलाधिकारीए पीडीए और वन विभाग अपना दायित्व निभाने में विफल हो गए हैं। लोगों के जीवन के मूल अधिकारों का हनन हो रहा है। सुनवाई 12 जुलाई को होगी।
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