प्रभु से आस, ट्रेनों की सुधरे औसत चाल
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25 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट में भले ही रेलमंत्री किसी नई ट्रेन की घोषणा न करें, फिर भी लोगों को उनसे खासी उम्मीद है। लोगों की मांग है कि ट्रेनों की औसत स्पीड बढ़नी चाहिए। फिलहाल, ज्यादातर सुपरफास्ट ट्रेनों की औसत स्पीड 50 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटा के आसपास ही है। यात्रियों का कहना है कि औसत स्पीड में सुधार हो तो वे अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच सकते हैं।
चीन, जापान, जर्मनी आदि देशों में ट्रेनों की रफ्तार जहां 350 किमी प्रतिघंटे के आंकड़े को पार कर गई है, वहीं भारत में सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की औसत चाल महज 85 किलोमीटर प्रतिघंटा ही है। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा-मथुरा-पलवल रेलखंड पर भोपाल शताब्दी की अधिकतम स्पीड 150 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती है, लेकिन भोपाल के हबीबगंज से नई दिल्ली की 705 किलोमीटर की दूरी तय करने में इस ट्रेन को 8.30 घंटे लग जाते हैं। ऐसे में इसकी औसत स्पीड 85 किमी प्रतिघंटे आती है।
इलाहाबाद से नई दिल्ली जाने वाली प्रयागराज की भी औसत स्पीड 68 किमी प्रतिघंटा है, जबकि ग्वालियर से वाराणसी जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस की औसतन स्पीड महज 45 किमी प्रतिघंटे के आसपास ही है। यात्रियों की मांग है कि रेलमंत्री इस बार के रेल बजट में तमाम एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत स्पीड बढ़ाने की दिशा में कोई नई ठोस पहल करें, ताकि सभी यात्रियों का समय बचे।
इसके अलावा इस बार के रेल बजट से यात्रियों को आस है कि सभी ट्रेनों के एसी कोच में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगवाने की घोषणा रेलमंत्री सुरेश प्रभु कर सकतेे हैं। ताकि यात्रियों को ट्रेन के अंदर ही मालूम पड़ जाए कि अगला स्टेशन कौन सा है। ट्रेन की वर्तमान स्पीड क्या है और अगले स्टेशन पर पहुंचने में ट्रेन को कितना वक्त लगेगा। अभी हाल ही में रेलमंत्री द्वारा जनप्रतिनिधियों, संपादकों, व्यापारियों आदि से रेल बजट के संबंध में सुझाव मांगे गए थे। अधिकांश ने ट्रेनों की औसत स्पीड सुधारने का सुझाव रेलमंत्री को दिया है।
केंद्र सरकार के बजट सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल ने भी रेल बजट को लेकर रेलमंत्री सुरेश प्रभु को कई महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं। इसमें स्टेशनों पर जनरल स्टोर, मेडिकल स्टोर खोले जाने, कुलियों के लिए डिजिटल लाइसेंस, स्टेशन पर छोड़ने एवं रिसीव करने वाले लोगों के लिए अलग से लॉबी, ट्रेन के अंदर अवैध वेंडर और भिखारियों की रोकथाम, रोजगार बढ़ाने के लिए रेलवे रेडियो टैक्सी का परिचालन करने, खाली पड़ी जमीनों को पट्टे पर देकर रेल मॉल खुलवाने, दुरंतो को नियमित एवं उसके स्टॉपेज बढ़ाने आदि सुझाव उन्होंने रेलमंत्री को भेेजे हैं।
प्रमुख ट्रेनों की औसत चाल गाड़ी संख्या और नाम औसत चाल (किमी प्रति घंटे में) 12001 भोपाल शताब्दी 85 12417 प्रयागराज एक्स. 68 12311 कालका मेल 53 14136 संगम एक्सप्रेस 45 12403 जयपुर एक्सप्रेस 60 12301 हावड़ा राजधानी 85 12401 मगध एक्सप्रेस 56 11107 बुंदेलखंड एक्स. 45