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साथी पर मुकदमा दर्ज करने भड़के इविवि शिक्षकों ने बताया अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

Wed, 24 Jun 2020 09:14 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 24 Jun 2020 09:14 PM IST
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Evil teachers agitated to file case against fellow, attacked freedom of expression
prayagraj news: कोटवा बनी एल 1 कोविड 19 हास्पिटल - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय अध्यापक संघ( ऑक्टा) के महासचिव एवं ईसीसी के शिक्षक डॉ. उमेश प्रताप सिंह पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की शिक्षक संगठनों ने निंदा की है। इविवि अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने जिलाधिकारी एवं एसएसपी से इस मामले की जांच करके निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
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इविवि के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता केके राय ने निंदा की है। उन्होंने ऑक्टा महासचिव पद दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। पूर्व अध्यक्ष केके राय ने मांग का कहना है कोरोना सेंटर की अव्यवस्था की बात उठाने पर एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना तानाशाही है।
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उनका कहना है कि इससे पूर्व में इंजीनियर वीरेंद्र सिंह की पत्नी ने कोरोना सेंटर की अव्यवस्था उजागर की थी। अब उमेश प्रताप सिंह ने जब वही काम किया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया।
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ऑक्टा कार्यकारिणी ने कहा अभिव्यक्ति पर हमला

ऑक्टा महासचिव के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय अध्यापक संघ ( ऑक्टा) कार्यकारिणी ने निंदा की है। कार्यकारिणी की बुधवार को हुई बैठक में इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया गया। प्रशासन की ओर से की गई इस तरह की कार्यवाही से शिक्षक समुदाय आहत हुआ है।

सभी सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि जिला प्रशासन ऑक्टा महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह पर दर्ज एफआईआर को अविलंब वापस ले। ऑक्टा सदस्यों ने एकमत से कहा कि फेसबुक पोस्ट में डॉ उमेश प्रताप सिंह ने ऐसा कुछ भी नहीं लिखा है जो कि एफआईआर करने का आधार हो।

सदस्यों ने कहा कि आक्टा ने लॉकडाउन के दौरान प्रशासन के साथ मिलकर लाखों की सहायता राशि गरीबों के साथ बाटी है। सभी सदस्यों ने यह भी मांग की कि पहले भी कई बार कोटवा सेंटर से मरीजों के असंतोष और वहां के अव्यवस्था की खबरें विभिन्न संचार माध्यमों और सोशल मीडिया में आती रही हैं इसलिए ऑक्टा यह मांग करती है कि कोटवा सेंटर की स्थिति की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।

बैठक की अध्यक्षता डॉ सुरेंद्र पाल सिंह ने किया और संचालन उमेश प्रताप सिंह ने किया। बैठक में पूर्व ऑक्टा अध्यक्ष डॉ रामप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष डॉ रेखा रानी, डॉ रणधीर सिंह, डॉ एरम उस्मानी, डॉ अर्चना पाल, डॉक्टर राम पाल गंगवार, डॉ धीरज चौधरी, डॉ सविता श्रीवास्तव, डॉ अखिलेश त्रिपाठी, डॉ अमित पांडेय सहित सभी महाविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय और मंत्री अनुज कुमार पांडेय ने सोशल मीडिया पर कोटवा बनी अस्पताल पर टिप्पणी करने में ईसीसी के उपाचार्य व आक्टा के महासचिव डॉ उमेश प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की निंदा की है।
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