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Prayagraj : सड़क हादसे में जान गंवाने वाला जिले का हर 10वां शख्स नाबालिग, 1000 हादसों में 506 लोगों की गई जान

Sun, 07 Jan 2024 04:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Jan 2024 04:22 PM IST
सार

जनपद में सड़क हादसों की संख्या चौंकाने वाला ही। एक रिपोर्ट के माध्यम से पता चला है कि हादसों में जान गंवाने वालों में हर दसवां शख्स नाबालिग है। कम उम्र के बच्चों के द्वारा वाहन चलाने के चलते दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है।

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Every 10th person in the district who lost his life in a road accident is a minor
accident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिवहन विभाग के ताजा आदेश के बाद नाबालिगों के वाहन चलाने का मूद्दा एक बार फिर चर्चा में है। फिलहाल, सच यह है कि सड़क हादसों में हर साल जान गंवाने वालों में बड़ी संख्या किशोर-किशोरियों की हाेती है। जिले की बात करें तो यहां बीते वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाला हर 10वां शख्स नाबालिग रहा। ऐसे में साफ है कि यह लापरवाही कितनी दर्दनाक साबित हो रही है।

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परिवहन विभाग ने हाल ही में 18 साल से कम आयु के लोगाें का दोपहिया-चारपहिया वाहन चलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही ऐसा करते पकड़े जाने पर अभिभावक या वाहन मालिक को तीन साल की सजा व 25 हजार जुर्माने का भी प्रावधान किया है। प्रयागराज में भी बड़ी संख्या में नाबालिग सड़कों पर वाहन दौड़ाते अक्सर देखे जाते हैं।
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बीते साल जिले में 1012 सड़क हुए, जबकि 506 लोगों की जान गई। पुलिस विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, इनमें से 49 मृतक नाबालिग थे। इस तरह से देखा जाए तो सड़क हादसों में जान गंवाने वाला हर 10वां शख्स नाबालिग रहा।

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स्कूलों के बाहर भरते हैं फर्राटा

जनपद में ज्यादातर स्कूलों में यह दावा किया जाता है कि छात्र-छात्राओं के वाहन लेकर आने पर प्रतिबंध है। हालांकि, सच यह है कि प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी, जिनमें ज्यादा संख्या छात्रों की होती है, वाहन लेकर ही स्कूल आते हैं। यह बात अलग है कि स्कूल में एंट्री न मिलने की वजह से यह अपना वाहन स्कूल परिसर के आसपास ही खड़ा कर देते हैं। जनपद में कई स्कूलों के आसपास बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े नजर आते हैं। छुट्टी के वक्त इन्हीं स्कूलों के आसपास छात्रों को वाहनों से फर्राटा भरते आसानी से देखा जा सकता है।

प्रचार-प्रसार कराएंगे, नहीं माने तो कार्रवाई

नाबालिगाें के वाहन चलाने पर रोक के आदेश का पालन कराने को लेकर पुलिस विभाग ने भी कमर कस ली है। विभागीय अफसरों का कहना है कि पहले तो इस संबंध में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। इसके बाद भी नहीं मानते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी यातायात आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि इसमें स्कूलों का भी सहयोग लिया जाएगा। शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर कहा जाएगा कि वह स्कूल प्रबंधनों से वार्ता कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को वाहन लेकर परिसर में न प्रवेश करने दें। कोई जबरदस्ती करता है तो पुलिस से संपर्क करें। इसके अलावा पुलिस की ओर से भी जल्द ही इस संबंध में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

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