Prayagraj : साथी बंदी भी नहीं भांप पाए थे कालीचरण जेल से हो जाएगा फरार, दो दिन पहले मिलने आए थे पत्नी और भाई
महोबा जिले के थाना नगर कोतवाली पसवारा मुहल्ला निवासी 24 वर्षीय कालीचरण ऊर्फ बऊवा पुत्र मुल्लू को किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 26 जुलाई 2023 को महोबा की अदालत ने 20 साल की सजा और 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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केंद्रीय कारागार नैनी में शनिवार को बाग कमान के लिए निकला कैदी कालीचरण उर्फ बऊवा जेल से फरार होने के बाद उसके साथ चक्र में बंद साथी बंदी भी अचंभित है। जेल अधिकारियों द्वारा पूछताछ में बंदियों ने बताया कि उसका व्यवहार काफी सरल था और कभी भी उसकी गतिविधि ऐसी नहीं लगी कि वह यहां से फरार होने की योजना बना रहा है। उसके फरार होने के मामले में जेल प्रशासन चीफ वॉर्डर समेत चार जेलकर्मी निलंबित हो चुके हैं।
महोबा जिले के थाना नगर कोतवाली पसवारा मुहल्ला निवासी 24 वर्षीय कालीचरण ऊर्फ बऊवा पुत्र मुल्लू को किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 26 जुलाई 2023 को महोबा की अदालत ने 20 साल की सजा और 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। बीते नौ मार्च को उसे केंद्रीय कारागार नैनी से निरुद्ध किया गया था। शनिवार को उसे बाग कमान के लिए भेजा गया था। वह सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर जेल की बाहरी दीवार फांद कर कब फरार हो गया किसी को पता नहीं चल सका।
मामले में अब जेल प्रशासन चक्र में उसके साथ रहने वाले बंदी और कमान में साथ निकले बंदियों से पूछताछ कर उसके बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि उसके साथ रहने वाले बंदी भी उसके इस फरार होने के बाद से काफी अचंभित है। पूछताछ में उन लोगों ने बताया कि कभी की ऐसा नहीं लगा कि वह यहां से भागने की योजना बना रहा है।
बाग कमान में पहले भी कई बार जा चुका था बंदी कालीचरण
नैनी। फरार बंदी कालीचरण मार्च में केंद्रीय कारागार नैनी लाया गया था। यहां पर उसे खेती का काम दिया गया था। जेल सूत्रों की माने तो इसके पहले भी वह कई बार बाग कमान में जेल की कृषि फर्म में गया था। वह जेल की कृषि फर्म की काफी जानकारी हासिल कर लिया था। बीते शनिवार को जब वह कमान में निकला तो पहले से ही निर्धारित जगह पर जेल सिपाहियों से बचकर छिप गया होगा और शाम को अंधेरा होने पर वह यहां से भागने में कामयाब हो गया। संवाद
फरार होने के दो दिन पहले ही मुलाकात करने पहुंचे थी पत्नी और भाई
कालीचरण के फरार होने के दो दिन पहले यानी 18 जुलाई को महोबा से उसकी पत्नी और भाई मुलाकात करने पहुंचे थे। जेल में पहुंचकर उन्होंने दूसरी शिफ्ट में कालीचरण से मुलाकात की थी। हो सकता है इस मुलाकात में कालीचरण ने जेल से फरार होने की बात पत्नी और अपने भाई से भी बताई हो। मंगलवार को उसकी तलाश में महोबा पहुंची नैनी पुलिस और एसओजी ने उसके घर और रिश्तेदारों के यहां छापा मारा लेकिन न तो उन्हें कालीचरण की पत्नी मिली और न ही भाई। संवाद
कालीचरण का जीजा भी नैनी जेल में है सजायाफ्ता
कालीचरण के साथ उसके जीजा को भी सजा सुनाई गई थी। इसी मामले में सजा होने के बाद उसका जीजा भी केंद्रीय कारागार नैनी शिफ्ट हुुआ था, लेकिन नैनी जेल के अंदर बंदी कालीचरण और उसके जीजा को जेल प्रशासन द्वारा अलग अलग चक्र में रखा गया था। दोनों को अलग-अलग काम भी दिया गया था। जेल अधिकारी उसके फरार होने के बाद उसके जीजा से भी मामले में पूछताछ कर चुके हैं।