आधे शहर के बराबर अकेले करेली में ही फुंके ट्रांसफार्मर
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करेली सब स्टेशन के अंतर्गत लाखों की आबादी है। इसमें करेली, अकबरपुर, करेलाबाग, अटाला, गौसनगर, मुन्ना मस्जिद, शास्त्रीनगर समेत दर्जनों मोहल्ले शामिल हैं जहां कुल 17624 ने कनेक्शन ले रखा है। इस कनेक्शन पर कुल 33875 किलोवाट का भार है। इनके लिए इलाके में 630 केवीए, 400 और 250 केवीए के 132 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। करेली और करेलाबाग सबस्टेशन की क्षमता 48 एमबीए (करेली में 30 एमबीए और करेलाबाग में 18 एमबीए) है।
पॉवर हाउस विद्युत खंड के अधिशासी अभियंता एमके अग्रवाल कहते हैं, करेली सबस्टेशन को अधिकतम मांग से एक तिहाई फीसदी ज्यादा क्षमता का स्थापित किया गया है। बावजूद इसके लोड इतना बढ़ जाता है कि आपूर्ति को बाधित करना पड़ रहा है। अधिकतम मांग बढ़ने पर करेली और करेलाबाग सबस्टेशन पर 44 एमबीए तक का लोड पड़ जाता है। 18 लाख मिलियन यूनिट की खपत हर महीने हो रही है। राजस्व 1.50 करोड़ रुपये ही मिल पाता है, जबकि 4.50 करोड़ की प्राप्ति होनी चाहिए।
इलाके में 36 फीसदी उपभोक्ताओं (तकरीबन पांच हजार) का बिल जमा हो पा रहा है। इलाहाबाद मंडल में सबसे ज्यादा करेली सबस्टेशन में ही 76 फीसदी लाइनलॉस है। इलाके में विद्युत चोरी जबरदस्त है। लोग हीटर का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके चलते इस इलाके में घाटे का सामना करना पड़ रहा है। उधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन इलाकों में ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, वहां से नए स्थापित हो रहे इलाकों में कनेक्शन दे दिया जाता है। इसके चलते ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है और वह जल जाता है। आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।